DELHI NEWS : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ा एक छात्र संगठन है, जो देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों के बीच राष्ट्रवादी सोच को बढ़ावा देता है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय पुनर्निर्माण, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा करना है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) देश के प्रमुख छात्र संगठनों में गिना जाता है, जो हमेशा से छात्रों की समस्याओं और उनके हितों की पैरवी करता आया है। अब राजधानी दिल्ली में ABVP का नया कार्यालय तैयार हो चुका है। गुरुवार को यहां वास्तु पूजन का आयोजन किया गया, साथ ही संगठन से जुड़े वर्तमान और पूर्व कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।
दिल्ली में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नए कार्यालय में आज वास्तु पूजन का आयोजन किया गया। पूजा के बाद संगठन से जुड़े पुराने और मौजूदा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही, कार्यालय निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों को भोजन और वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया और उनका आभार प्रकट किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध छात्र संगठन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की नींव 9 जुलाई 1949 को रखी गई थी। यह एक प्रमुख छात्र संगठन है, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ा हुआ है। संगठन देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों के बीच राष्ट्रवादी विचारों को बढ़ावा देने का कार्य करता है। परिषद का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय पुनर्निर्माण, शिक्षा में सुधार और छात्रों के अधिकारों की रक्षा करना है। इसका मूल मंत्र है – “ज्ञान, शील और एकता।”
संगठन की आधारशिला रखने वाले प्रमुख चेहरे
RSS से जुड़े इस संगठन की शुरुआत 1948 में बलराज मधोक के मार्गदर्शन में हुई और 1949 में इसे विधिवत रूप से पंजीकृत किया गया। उस समय इसका मकसद विश्वविद्यालय परिसरों में बढ़ते वामपंथी प्रभाव का प्रतिरोध करना था। यशवंतराव केलकर को ABVP की विचारधारा और ढांचे का प्रमुख शिल्पकार माना जाता है, जबकि ओम प्रकाश बहल इसके पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष बने।