दिल्ली को जल्द मिलेगा नया आधुनिक सचिवालय, जहां एक ही छत के नीचे होंगे सभी सरकारी विभाग। 2026 तक शुरू होगा निर्माण कार्य।
दिल्ली सरकार अब प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक संगठित और आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐलान किया है कि राजधानी को जल्द ही एक नया अत्याधुनिक सचिवालय भवन मिलने जा रहा है, जहां दिल्ली सरकार के सभी विभाग एक ही छत के नीचे कार्य करेंगे।
लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस परियोजना के लिए छह संभावित स्थानों को चिन्हित किया है, जिनमें शामिल हैं: आईपी पावर स्टेशन, राजघाट पावर प्लांट, गुलाबी बाग, खैबर पास, ITO बस डिपो, ITO स्थित ट्विन टावर इन स्थानों में से किसी एक का चयन कैबिनेट द्वारा किया जाएगा, जिसके बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
सेंट्रल विस्टा की तर्ज पर होगा नया सचिवालय
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नया सचिवालय भवन सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की तर्ज पर तैयार किया जाएगा, जिसमें आधुनिक तकनीक, पर्यावरण के अनुकूल निर्माण सामग्री, सोलर एनर्जी सिस्टम, और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह नया भवन सिर्फ सरकारी कामकाज को केंद्रीकृत नहीं करेगा, बल्कि दिल्ली की पहचान को भी नई ऊंचाई देगा।
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पुराने भवनों से मिलेगी राहत
फिलहाल दिल्ली सरकार के कई विभाग राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में फैले हुए हैं, जिससे जनता और कर्मचारियों दोनों को असुविधा होती है। कई सरकारी दफ्तर पुराने और संकीर्ण भवनों में चल रहे हैं, जहां पार्किंग और बुनियादी सुविधाओं की भी भारी कमी है। एकीकृत सचिवालय बनने से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, समन्वय बेहतर होगा और जनता को एक स्थान पर सभी सेवाएं उपलब्ध होंगी।
2026 तक होगा शिलान्यास
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सचिवालय निर्माण के लिए स्थान का अंतिम चयन 2025 के अंत तक कर लिया जाएगा और 2026 में इसका शिलान्यास किया जाएगा। सरकार की योजना है कि यह भवन आने वाले वर्षों में दिल्ली की प्रशासनिक क्षमता को और भी सशक्त और आधुनिक बनाएगा।