दिल्ली कैबिनेट ने मंजूरी दी ‘दिल्ली जन विश्वास बिल’, छोटे व्यवसायियों और दुकानदारों को मिलेगी कानूनी राहत। अब मामूली उल्लंघनों में जेल नहीं, केवल जुर्माना या चेतावनी। व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा।
दिल्ली सरकार ने कैबिनेट की बैठक में ‘दिल्ली जन विश्वास बिल’ को मंजूरी दे दी है, जो छोटे व्यवसायियों, दुकानदारों और श्रमिकों के लिए कानूनी राहत का बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह बिल पारित किया गया और इसे आगामी 5 जनवरी से शुरू हो रहे दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। विधानसभा से पास होने के बाद यह कानून लागू कर दिया जाएगा।
छोटे अपराधों से मिलेगी राहत
इस बिल के तहत उद्योग, व्यापार, दुकानों और श्रम से जुड़े 8 प्रकार के छोटे और मामूली उल्लंघनों को आपराधिक अपराधों की श्रेणी से हटाकर सिविल मामलों में तब्दील किया जाएगा। इसका मतलब है कि अब ऐसे मामलों में जेल या सजा का डर नहीं होगा। सरकार चेतावनी या जुर्माने के जरिए इन मामलों का समाधान करेगी।
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‘सजा नहीं, समाधान पर जोर’
दिल्ली सरकार का कहना है कि बिल का उद्देश्य आम लोगों और छोटे व्यवसायियों को अनावश्यक कानूनी परेशानियों से बचाना है। अब रजिस्ट्रेशन में गलती, रिकॉर्ड में कमी या तकनीकी त्रुटि जैसे मामूली उल्लंघन अपराध की श्रेणी में नहीं आएंगे। इससे व्यापारियों और श्रमिकों को मानसिक और आर्थिक राहत मिलेगी।
व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस बिल से ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ेगा। छोटे दुकानदार, स्टार्टअप, फैक्ट्री मालिक और श्रमिक अब बिना किसी डर के नियमों का पालन कर सकेंगे। इससे न केवल व्यापार आसान होगा, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
केंद्र सरकार के अनुभव से प्रेरणा
केंद्र सरकार पहले ही जन विश्वास अधिनियम के माध्यम से कई छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर चुकी है। दिल्ली सरकार ने इसी दिशा में स्थानीय स्तर पर यह कदम उठाया है।
सरकार का संदेश
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि ईमानदार नागरिक और व्यवसायी परेशान नहीं होंगे, लेकिन नियमों का पालन अनिवार्य रहेगा। अब जहां पहले जेल का डर था, वहां समझदारी और समाधान पर जोर दिया जाएगा।
दिल्ली जन विश्वास बिल के लागू होने के बाद छोटे कारोबारियों, दुकानदारों और श्रमिकों के लिए कानूनी राहत सुनिश्चित होगी, और दिल्ली का व्यवसायिक माहौल और अधिक सुगम और भरोसेमंद बनेगा।