DELHI GOVT : दिल्ली के सचिव एवं श्रम आयुक्त ने एक बयान में बताया कि सरकार ने कुशल और अकुशल मजदूरों के लिए तय की गई न्यूनतम वेतन दरों में बढ़ोतरी की है। यह बदलाव केंद्र सरकार द्वारा जारी महंगाई भत्ते की दरों में वृद्धि के चलते किया गया है।
DELHI GOVT : दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार ने महंगाई के दबाव को देखते हुए अपने द्वारा नियुक्त कुशल और अकुशल श्रमिकों के वेतन में बढ़ोतरी की है ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके। इस संबंध में दिल्ली के सचिव सह श्रम आयुक्त ने जानकारी दी कि सरकार ने इन श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन की अधिसूचित दरों में संशोधन किया है। यह बदलाव केंद्र सरकार द्वारा घोषित महंगाई भत्ते की नई दरों के आधार पर किया गया है।
DELHI GOVT का कहना है कि यह पहल श्रमिकों की जीवन गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से की गई है। महंगाई के इस दौर में वेतन में की गई यह बढ़ोतरी श्रमिकों की क्रय क्षमता को मजबूत बनाएगी और उनके परिवारों को आर्थिक संबल देगी। सरकार ने इस फैसले को सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक अहम कदम बताया है।
बिजली पर सब्सिडी बरकरार रहेगी
दिल्ली सरकार ने मंगलवार को इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति को तीन महीने के लिए आगे बढ़ाने और राजधानी में बिजली सब्सिडी जारी रखने की स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में चार श्रेणियों के उपभोक्ताओं को मिलने वाली मौजूदा बिजली सब्सिडी को जारी रखने का फैसला लिया गया। ये श्रेणियां हैं: घरेलू उपभोक्ता, किसान, चैंबर वाले वकील, और 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ित।
परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने बाद में स्पष्ट किया कि तिपहिया या किसी अन्य श्रेणी के वाहनों पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार राजधानी के निवासियों के हित में कई नई पहल करना चाहती है, जिन्हें संशोधित ईवी नीति में शामिल किया जाएगा। वहीं, गृह मंत्री आशीष सूद ने बिजली सब्सिडी को लेकर फैल रही अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंत्रिमंडल ने किसानों और वकीलों के लिए मिलने वाली सब्सिडी को बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, साथ ही दंगा पीड़ितों को लगातार सहायता प्रदान करने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।
स्कूल फीस में मनमानी बढ़ोतरी पर सख्ती
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को जानकारी दी कि उन स्कूलों को नोटिस भेजे गए हैं, जिनके खिलाफ मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित स्कूलों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और यदि समय पर जवाब नहीं मिला, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।