दिल्ली सरकार की नई पहल: प्रदूषण नियंत्रण के लिए अब ‘मिस्ट टेक्नोलॉजी’ का इस्तेमाल

दिल्ली सरकार की नई पहल: प्रदूषण नियंत्रण के लिए अब ‘मिस्ट टेक्नोलॉजी’ का इस्तेमाल

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए ‘मिस्ट टेक्नोलॉजी’ अपनाई है। ITO क्षेत्र में मिस्ट स्प्रे के जरिए AQI सुधारने की कोशिश, 305 मिस्ट स्प्रे लगाने का योजना।

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक नई तकनीकी पहल की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ITO क्षेत्र में प्रदूषण की स्थिति को सुधारने के लिए मिस्ट स्प्रेइंग टेक्नोलॉजी का ट्रायल किया। इस प्रौद्योगिकी के तहत, सड़क के डिवाइडर पर मिस्ट स्प्रे का उपयोग किया जा रहा है, जो वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार लाने की उम्मीद है। गुप्ता ने कहा कि यदि यह योजना सफल रही तो इसे दिल्ली के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा।

दिल्ली का प्रदूषण सर्दियों के मौसम में एक गंभीर समस्या बन जाता है, जब हवा की गुणवत्ता बहुत खराब हो जाती है। दिल्ली सरकार इस समस्या को हल करने के लिए लगातार नए उपायों पर काम कर रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री ने मिस्ट स्प्रेइंग प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया और इसे एक प्रभावी समाधान के रूप में देखा। उन्होंने कहा कि इस तकनीकी पहल से प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सकती है, और यदि परिणाम सकारात्मक रहे तो इसे दिल्ली के अन्य हॉट स्पॉट क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा।

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ITO में 19 मिस्ट स्प्रे लगाए गए, और 16 और स्प्रे जल्द ही लगाए जाएंगे

ITO क्षेत्र में प्रदूषण को कम करने के लिए 19 जगहों पर मिस्ट स्प्रे लगाए गए हैं। यह स्प्रे ड्रिपिंग प्लांट से जुड़े हुए हैं, और जब ट्रैफिक अधिक होता है, तो ये स्प्रे 10 मिनट के अंतराल पर छिड़कते हैं। अगले चरण में 16 और मिस्ट स्प्रे लगाए जाएंगे, और अगर यह पहल सफल रही, तो दिल्ली के 9 प्रमुख हॉट स्पॉटों के मुख्य रास्तों पर 305 मिस्ट स्प्रे लगाने की योजना बनाई जा रही है।

सीएम रेखा गुप्ता का बयान: मिस्ट तकनीकी पहल से प्रदूषण पर काबू पाया जा सकता है

सीएम रेखा गुप्ता ने इस नई मिस्ट टेक्नोलॉजी की सराहना करते हुए कहा कि यह पानी छिड़काव के अतिरिक्त एक प्रभावी समाधान साबित हो सकती है। उन्होंने बताया कि NDMC क्षेत्र में पहले इसका ट्रायल किया गया था, और वहां भी इसके अच्छे परिणाम सामने आए थे। अब दिल्ली सरकार इसे राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में लागू करने की योजना बना रही है, खासकर उन जगहों पर जहां प्रदूषण बहुत ज्यादा है।

गुप्ता ने आगे कहा कि राजधानी के 9 हॉट स्पॉट्स में 305 मिस्ट स्प्रे लगाने के प्रयास जारी हैं, जिससे प्रदूषण की गंभीर समस्या को हल किया जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस पहल का उद्देश्य है कि दिल्ली के प्रत्येक कोने में प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके। उनका मानना है कि यह सामूहिक प्रयास सभी के लिए लाभकारी होगा, और प्रदूषण को नियंत्रित करने में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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