दिल्ली सरकार ने सर्किल रेट में संशोधन की प्रक्रिया शुरू की है। जमीन और घर खरीदना होगा महंगा, लोगों से सुझाव मांगे गए हैं। जानें नई दरों और प्रक्रिया के बारे में।
दिल्ली सरकार ने राजधानी में जमीन और मकान की खरीदारी को महंगा बनाने के लिए सर्किल रेट (Circle Rate) में संशोधन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्थानीय जमीन की बाजार कीमतों और वर्तमान सर्किल रेट में अंतर को देखते हुए सरकार ने संशोधन का आदेश दिया है। इससे संपत्ति की खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकार का राजस्व भी बढ़ने की संभावना है।
दिल्ली में सर्किल रेट संशोधन के लिए जनता से सुझाव मांगे गए
राजस्व सचिव और संभागीय आयुक्त की ओर से जारी सार्वजनिक नोटिस के तहत, दिल्ली सरकार ने लोगों, रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, उद्योग संगठनों और संपत्ति मालिकों से सर्किल रेट संशोधन पर सुझाव मांगे हैं। सुझाव भेजने के लिए विभाग ने ईमेल आईडी suggestionondelhicirclerates@gmail.com जारी की है। लोग अगले 15 दिनों के भीतर अपने सुझाव और आपत्तियां भेज सकते हैं।
सर्किल रेट में बदलाव का उद्देश्य और श्रेणियां
इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य मौजूदा बाजार दरों के अनुसार सर्किल रेट को अपडेट करना है ताकि संपत्ति के लेन-देन में सही कीमत का निर्धारण हो सके। दिल्ली को आठ श्रेणियों में बांटा गया है — ग्रेड A से लेकर ग्रेड H तक। ग्रेड A में राजधानी के सबसे महंगे इलाके आते हैं, जबकि ग्रेड H में गांव और कम विकसित क्षेत्र शामिल हैं।
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सर्किल रेट कब से नहीं बढ़े थे?
दिल्ली में कृषि भूमि के सर्किल रेट 2008 से और कॉलोनियों के सर्किल रेट 2014 से अपरिवर्तित हैं। पिछली सरकार ने 2023 में भी सर्किल रेट में बदलाव का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली थी। अब नई सरकार इस प्रक्रिया को फिर से शुरू कर रही है।
सर्किल रेट का महत्व क्या है?
सर्किल रेट वह न्यूनतम दर होती है, जिसके नीचे कोई संपत्ति का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकता। यह दर संपत्ति के खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता और उचित कराधान सुनिश्चित करती है। इसके अपडेट होने से खरीदार और विक्रेता दोनों को सही बाजार मूल्य का पता चलता है और सरकार का राजस्व भी बढ़ता है।
आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
अधिकारी के मुताबिक, सुझाव मिलने के बाद सरकार संशोधित सर्किल रेट का प्रस्ताव तैयार करेगी। उम्मीद है कि आने वाले कुछ महीनों में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और नई दरें लागू कर दी जाएंगी।