दिल्ली सरकार ने रविवार को एक ऐतिहासिक और महत्वाकांक्षी पहल दिल्ली एआई ग्राइंड का उद्घाटन किया है, जो देश का पहला शहर-केंद्रित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और इनोवेशन मूवमेंट है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य दिल्ली के छात्रों को एआई की दुनिया के लिए तैयार करना है। 1,000 से अधिक स्कूलों, कॉलेजों, आईटीआई और विश्वविद्यालयों में यह अभियान चलाया जाएगा, जिसमें 5 लाख से अधिक बच्चों और युवाओं को नई तकनीकों और नवाचार के बारे में ट्रेनिंग दी जाएगी।
कार्यक्रम का उद्घाटन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तकनीक-प्रधान सोच का परिणाम है कि दिल्ली में एआई को हर कक्षा और हर छात्र तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया है।”
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क्या सीखेंगे छात्र?
दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत छात्र डिज़ाइन थिंकिंग, प्रोटोटाइप निर्माण, समस्या-समाधान और जिम्मेदार तकनीकी उपयोग जैसे महत्वपूर्ण कौशल सीखेंगे। आगामी चार महीनों में, 5,000 शिक्षकों को एआई मेंटर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा और 1,000 छात्र-नेतृत्व वाले प्रोजेक्ट तैयार किए जाएंगे।
राष्ट्रीय इनोवेशन किताब का प्रकाशन
दिल्ली के युवाओं के विचारों पर आधारित एक राष्ट्रीय इनोवेशन किताब भी प्रकाशित की जाएगी, जो उनके नवाचार को उजागर करेगी। यह कार्यक्रम 10 से 25 वर्ष के युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों जैसे परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, सुशासन, ऊर्जा, जल प्रबंधन और कचरा प्रबंधन में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करेगा।
यह सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक सतत आंदोलन है
दिल्ली सरकार का यह मानना है कि यह कार्यक्रम एक सतत आंदोलन का रूप लेगा, जिसमें विभिन्न चरणों जैसे जागरूकता अभियान, जिला-स्तरीय राउंड, शोकेस और पायलट प्रोजेक्ट शामिल होंगे। यह पहल न केवल दिल्ली, बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी अपनाई जा सकती है।