तनाव से बढ़ता है कोर्टिसोल, हार्मोन असंतुलन और याददाश्त कमजोर होने का खतरा

by Neha
तनाव से बढ़ता है कोर्टिसोल, हार्मोन असंतुलन और याददाश्त कमजोर होने का खतरा

तनाव बढ़ने पर कोर्टिसोल हार्मोन असंतुलित हो जाता है, जिससे याददाश्त कमजोर होती है और नींद पर असर पड़ता है। जानें तनाव कम करने के आसान योग, प्राणायाम और मेडिटेशन उपाय।

आज के तेज जीवनशैली में तनाव (Stress) एक आम समस्या बन चुका है। लगातार ज्यादा सोचने और मानसिक दबाव में रहने से शरीर में कोर्टिसोल नामक हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे हार्मोन का संतुलन बिगड़ता है और कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो जाती हैं। जानिए कैसे तनाव आपके शरीर और दिमाग पर असर डालता है और इससे बचने के आसान उपाय।

तनाव और कोर्टिसोल हार्मोन का संबंध

जब हम तनावग्रस्त होते हैं तो हमारा शरीर कोर्टिसोल हार्मोन रिलीज करता है, जो खतरे का सामना करने में मदद करता है। लेकिन अगर तनाव लंबे समय तक बना रहे तो कोर्टिसोल की मात्रा ज्यादा हो जाती है, जिससे एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन, टेस्टोस्टेरोन और थायरॉइड जैसे अन्य महत्वपूर्ण हार्मोन प्रभावित होते हैं। इसका सीधा असर वजन बढ़ने और पेट की चर्बी जमा होने के रूप में देखने को मिलता है, जिसे बाद में घटाना मुश्किल होता है।

तनाव की वजह से नींद और ऊर्जा पर प्रभाव

ज्यादा तनाव लेने से नींद की गुणवत्ता खराब हो जाती है। अक्सर रात को बार-बार नींद खुलना या देर तक जागना सामान्य समस्या बन जाती है। आयुर्वेद के अनुसार मानसिक अशांति से शरीर में वात, पित्त और कफ का संतुलन बिगड़ जाता है, जो पाचन और नींद दोनों को प्रभावित करता है।

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तनाव से शरीर में ऊर्जा की कमी भी होती है। मानसिक थकावट के कारण सुबह उठना मुश्किल हो जाता है और दिनभर सुस्ती महसूस होती है। दिमाग की कार्य क्षमता धीमी पड़ जाती है, जिससे याददाश्त कमजोर होती है और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होती है।

तनाव से बचने और मानसिक शांति पाने के उपाय

तनाव को कम करने के लिए सबसे जरूरी है अपनी सोच को नियंत्रित करना और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना। आयुर्वेद और मेडिकल साइंस दोनों योग, प्राणायाम और मेडिटेशन को तनाव मुक्त रहने का बेहतरीन तरीका मानते हैं।

  • योग और प्राणायाम: सूर्य नमस्कार, भ्रामरी प्राणायाम और अनुलोम-विलोम जैसे अभ्यास मानसिक शांति बढ़ाते हैं।

  • मेडिटेशन: नियमित ध्यान कोर्टिसोल के स्तर को कम करता है और दिमाग को आराम देता है।

इस तरह के उपाय न सिर्फ हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं, बल्कि आपकी याददाश्त और मानसिक क्षमता को भी मजबूत बनाते हैं।

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