संविधान दिवस 2025: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा – संविधान का अपमान बाबा साहेब, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और नागरिकों का अपमान है। जानें पूरा कार्यक्रम और मुख्य संदेश।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संविधान दिवस 2025 के अवसर पर लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में लोकतांत्रिक मूल्यों और आदर्शों की शपथ दिलाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत के संविधान का अपमान करना बाबा साहेब आंबेडकर, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, बलिदानियों और गरीबों का अपमान करना है, जिन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई में अपना योगदान दिया।
कार्यक्रम में लघु फिल्म दिखाई गई और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान ने भारत में सामाजिक समता, आरक्षण और मताधिकार जैसी क्रांतिकारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं, जो दुनिया के अधिकांश लोकतंत्रों में बहुत बाद में मिलीं।
कर्तव्यों का पालन और संविधान का सम्मान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिर्फ अधिकारों की मांग करना पर्याप्त नहीं, हर नागरिक को अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। जब हम अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं, तभी हम संविधान को सम्मान देते हैं। उन्होंने नागरिकों, छात्रों, शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों को उदाहरण देते हुए कहा कि ईमानदारी और उत्तरदायित्व से काम करना संविधान के प्रति सम्मान का सबसे बड़ा प्रमाण है।
also read: संविधान दिवस 2025: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कराया…
सामाजिक एकता, विरासत और सैनिकों का सम्मान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुलामी की मानसिकता को समाप्त करना, सैनिकों और वर्दीधारी फोर्स का सम्मान करना, सामाजिक एकता और समता बनाए रखना नागरिकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर विद्वेष फैलाने का प्रयास भारत को कमजोर करता है।
आत्मनिर्भर और विकसित भारत
योगी आदित्यनाथ ने आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की संकल्पना पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद और प्रदेश स्तर पर जनता से सुझाव मांगे गए, जिसमें 98 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। सीएम ने कहा कि हर भारतवासी के घर में संविधान की प्रति होनी चाहिए और इसकी प्रस्तावना का वाचन होना चाहिए, ताकि देशवासियों में संविधान के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़े।
ईमानदारी और सम्मानजनक मानदेय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो व्यक्ति ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन कर रहा है, उसे सम्मानजनक मानदेय और जीने का अधिकार मिलना चाहिए। नागरिक कर्तव्यों का सही पालन करना और व्यवस्था में योगदान देना ही विकसित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पंच प्रण और नागरिक जिम्मेदारियों के पालन के महत्व को भी रेखांकित किया, ताकि देश में लोकतंत्र मजबूत और समाज में समता कायम रहे।