शंकराचार्य विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पहला बयान: संत का स्वाभिमान राष्ट्र है

शंकराचार्य विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पहला बयान: संत का स्वाभिमान राष्ट्र है

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शंकराचार्य विवाद पर पहला बयान दिया, कहा संत का धर्म और राष्ट्र उसकी सम्पत्ति, परंपरा बाधित करने का कोई अधिकार नहीं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विवादित बयान के बीच अपना पहला सार्वजनिक बयान दिया। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि किसी को परंपरा या धर्म को बाधित करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि एक संत या योगी के लिए धर्म और राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं होता, और उनकी व्यक्तिगत संपत्ति कोई मायने नहीं रखती।

संत और राष्ट्र का महत्व

सोनीपत में कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “एक संत के लिए धर्म ही उसकी सम्पत्ति है और राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान। जो लोग धर्म के खिलाफ आचरण करते हैं, उनके खिलाफ सतर्क रहना आवश्यक है।” उन्होंने यह भी बताया कि 18 तारीख को माघ मेले में लगभग चार करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जो सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण है।

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प्रयागराज और अयोध्या में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज प्रयागराज और अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर नए आयाम तक पहुंच गई है। पहले दस साल पहले काशी विश्वनाथ धाम में एक साथ दस लोग दर्शन के लिए नहीं जा सकते थे, जबकि आज वहां रोज डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन करते हैं। उन्होंने इसे संतों के योगदान और सामाजिक समरसता का परिणाम बताया।

नाथ पंथ और सनातन धर्म की विरासत

सोनीपत के नागे बाबा मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होते हुए सीएम योगी ने कहा कि भारत की सनातन धर्म की विरासत में नाथ पंथ प्राचीनतम उपासना विधियों में से एक है। यह पंथ समाज को जीवन जीने की प्रेरणा देता है और पूरे भारत में उत्तर से दक्षिण, पूर्व से पश्चिम नाथ सन्यासियों के चिन्ह देखे जा सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक भारत श्रेष्ठ भारत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक सशक्त और श्रेष्ठ राष्ट्र बन रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास में आए कठिन दौर और गुलामी की जंजीरों को तोड़ते हुए देश ने अपनी स्वतंत्रता और गौरव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

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