उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर विश्वविद्यालय में अंतर-विश्वविद्यालय महिला बास्केटबॉल प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। उन्होंने खेल प्रतिभाओं को निखारने और युवाओं को नशे से दूर रखने का आह्वान किया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित पूर्वी क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय महिला बास्केटबॉल प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से आह्वान किया कि वे खेलों को बढ़ावा देकर युवाओं की प्रतिभा को तराशें और उन्हें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करें।
खेल युवाओं को नशे और विकृतियों से दूर रखते हैं – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने से युवा नशे और सामाजिक विकृतियों से दूर रहते हैं। उन्होंने कहा कि “युवा खेलेगा तो खिलेगा” और यही सशक्त युवा 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि हर विश्वविद्यालय और कॉलेज को कम से कम एक खेल को गोद लेकर उससे जुड़ी प्रतिभाओं को निखारना चाहिए, जिससे अनुशासन, खेल भावना और आत्मविश्वास को बढ़ावा मिले।
यूपी में खेल संस्कृति को मिला नया आयाम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश ने खेलों के क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम किया है। प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेरठ में स्थापित की जा चुकी है। मेरठ में बनने वाले खेल उपकरणों को ODOP योजना में शामिल किया गया है, जिससे स्थानीय उद्योग और रोजगार को भी बढ़ावा मिला है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में बदली खेलों की तस्वीर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बीते 11 वर्षों में देश में एक नई खेल संस्कृति विकसित हुई है। 2014 से पहले खेल और खिलाड़ी सरकारी प्राथमिकता में नहीं थे, लेकिन अब खेलो इंडिया, फिट इंडिया और सांसद खेल प्रतियोगिता जैसे अभियानों से खेलों को राष्ट्रीय पहचान मिली है।
स्वस्थ शरीर से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि “शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्” के सिद्धांत के अनुसार स्वस्थ शरीर से ही जीवन के सभी लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। खेलकूद से अनुशासन, संयम और मानसिक मजबूती आती है, जो समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाती है।
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यूपी में तेजी से विकसित हो रहा खेल इंफ्रास्ट्रक्चर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश में हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान और ओपन जिम, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और जिला स्तर पर आधुनिक स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा सरकार ने 96,000 से अधिक युवक और महिला मंगल दलों को स्पोर्ट्स किट वितरित की हैं, ताकि खेल गतिविधियां जीवनशैली का हिस्सा बन सकें।
खिलाड़ियों को मिल रहा आर्थिक और सरकारी सहयोग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि ओलंपिक में भाग लेने वाले यूपी के खिलाड़ियों को ₹10 लाख की सहायता दी जाती है। एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक विजेता को ₹6 करोड़ और क्लास-वन सरकारी नौकरी, जबकि रजत और कांस्य पदक विजेताओं को भी करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। अब तक प्रदेश सरकार 500 से अधिक पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी दे चुकी है।
कॉमनवेल्थ और ओलंपिक की तैयारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स गुजरात में प्रस्तावित हैं और भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए प्रयासरत है। ऐसे में खिलाड़ियों को अभी से अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी शुरू करनी होगी।
गोरखपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के 14 राज्यों से आईं महिला बास्केटबॉल खिलाड़ियों का गुरु गोरखनाथ की पावन धरा पर स्वागत किया। उन्होंने गोरखपुर की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान, गीता प्रेस, चौरीचौरा आंदोलन और महान विभूतियों का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गोरखपुर विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद की खेल विवरणिका का विमोचन भी किया।