उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने अपने सरकारी आवास पर विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष अजय बंगा के साथ एक बैठक के दौरान ‘यूपी-एग्रीज’ और ‘एआई प्रज्ञा’ कार्यक्रमों का शुभारंभ किया।
‘यूपी-एग्रीज’ परियोजना पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्रों में आधुनिक खेती को बढ़ावा देगी, जिससे कृषि उत्पादकता बढ़ेगी और करीब 10 लाख किसानों को लाभ होगा। वहीं, ‘एआई प्रज्ञा’ के तहत प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का हब बनाने की दिशा में 10 लाख युवाओं को एआई और डिजिटल तकनीकों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
CM Yogi Adityanath ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के विकास का प्रमुख इंजन है, और ये दोनों योजनाएं राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में अहम साबित होंगी। उन्होंने कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने में विश्व बैंक की भागीदारी का धन्यवाद किया और बताया कि यह संस्था हमेशा उत्तर प्रदेश के विकास में सहायक रही है।
‘यूपी-एग्रीज’ एक 4,000 करोड़ रुपये की परियोजना है, जिसमें 2,737 करोड़ का ऋण विश्व बैंक छह वर्षों के लिए उपलब्ध कराएगा। इस परियोजना से महिला किसानों को भी विशेष लाभ मिलेगा, और 500 किसानों को आधुनिक तकनीक सीखने विदेश भेजा जाएगा। इससे पूर्वांचल के 21 और बुंदेलखंड के 7 जिलों के किसान लाभान्वित होंगे।
CM Yogi Adityanath ने यह भी बताया कि जल्द ही ‘सीएम पोषण मिशन’ लॉन्च किया जाएगा, जो 6 वर्ष तक के बच्चों को पोषक आहार देने का कार्य करेगा। इसके लिए एक टीम इंडोनेशिया जाकर वहां की योजना का अध्ययन करेगी।
‘एआई प्रज्ञा’ कार्यक्रम के तहत युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और शासन में तकनीकी दक्षता भी बढ़ेगी। इस योजना में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, अमेजन, इंटेल जैसी बड़ी कंपनियां भाग लेंगी।
इस मौके पर एक लघु फिल्म भी दिखाई गई और कई वरिष्ठ मंत्री, अधिकारी तथा विश्व बैंक के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।