CM Yogi Adityanath ने अपने सरकारी आवास पर स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को सर्किल रेट तय करते समय क्षेत्र में हो रहे विकास, शहरीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर की प्रगति को ध्यान में रखने को कहा, ताकि इसका लाभ आम जनता को मिल सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि समान परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में सर्किल रेट में एकरूपता होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने भूमि और दस्तावेजों की रजिस्ट्री से पहले सत्यापन को अनिवार्य बनाने पर ज़ोर दिया, जिससे भूमि विवादों में कमी आए। उन्होंने रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने को कहा ताकि समय और संसाधन बच सकें।
उन्होंने सुझाव दिया कि महिलाओं को वर्तमान में दी जा रही ₹10 लाख तक की रजिस्ट्री पर 1% स्टाम्प शुल्क की छूट को बढ़ाकर ₹1 करोड़ तक किया जाए, जिससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और सशक्तिकरण को बढ़ावा मिले।
बैठक में बताया गया कि 2016-17 में स्टाम्प शुल्क से ₹11,000 करोड़ का राजस्व आया था, जो 2024-25 में बढ़कर ₹30,000 करोड़ से अधिक हो गया है। इस बार 11.67% अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है। अब तक 45 जिलों में सर्किल रेट का पुनरीक्षण हो चुका है, बाकी 30 जिलों में प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने इस प्रक्रिया को न्यायसंगत और पारदर्शी ढंग से करने के निर्देश दिए।
उन्होंने रजिस्ट्री कार्यालयों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराने और सीसीटीवी कैमरे चालू रखने के निर्देश दिए। साथ ही, पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे पर अधिकतम ₹5,000 का ही स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क रखने का सुझाव दिया, जिससे पारिवारिक विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि अब स्टाम्प सृजन, कृषि बंधक की ई-फाइलिंग, विवाह पंजीकरण, ई-भुगतान और डिजिलॉकर के ज़रिए विभिन्न सेवाएं ऑनलाइन दी जा रही हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जनता से जुड़ी सभी सेवाएं पूरी तरह डिजिटल की जाएं ताकि लोगों को कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।