CM Yogi Adityanath ने महाकुम्भ और प्रयागराज के महत्व के बारे में जानकारी दी और कहा कि पूरी दुनिया महाकुम्भ को एक आकर्षण के रूप में देख रही है।
उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने आज महाकुम्भनगर में 73 देशों के 100 से अधिक राजनयिकों से संवाद किया। मुख्यमंत्री जी ने विदेशी राजनयिकों का स्वागत करते हुए उन्हें महाकुम्भ और प्रयागराज के महत्व से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उनके लिए अविस्मरणीय साबित होगी, और वे यहां से लौटते समय कई यादगार अनुभव लेकर जाएंगे।
CM Yogi Adityanath ने कहा कि पूरी दुनिया महाकुम्भ को एक आकर्षक दृष्टिकोण से देख रही है और सभी का यहां आना भारत के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि भारत के अधिकांश प्रमुख तीर्थ गंगा तट पर स्थित हैं और महाकुम्भ इस संस्कृति का प्रतीक है। प्रयागराज, जो कि मां गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम स्थल पर स्थित है, एक प्राचीन नगर है। अब तक लगभग 35 करोड़ लोग संगम स्नान करने यहां आ चुके हैं, और 26 फरवरी 2025 तक 45 करोड़ लोगों के आने की संभावना है।
इस अवसर पर विदेशी राजनयिकों ने भी अपने अनुभव CM Yogi Adityanath से साझा किए। 73 देशों के राजनयिक महाकुम्भ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक यात्रा का हिस्सा बने। उन्हें अरैल क्षेत्र स्थित त्रिवेणी संकुल में प्रदेश सरकार की ओर से स्वागत किया गया, और फिर उन्हें जेटी बोट से त्रिवेणी संगम का दर्शन कराया गया।
राजनयिकों को सनातन संस्कृति और महाकुम्भ की महत्ता के बारे में जानकारी दी गई। कुछ राजनयिकों ने पवित्र संगम में स्नान किया और गंगा जल का आचमन किया। इसके बाद, उन्होंने महाकुम्भ मेले का भ्रमण किया, जिसमें अक्षयवट कॉरीडोर और हनुमान मंदिर का दर्शन शामिल था। अक्षयवट कॉरीडोर में उन्हें सरस्वती कूप का भी दर्शन कराया गया, और भारतीय संस्कृति में नदियों और वृक्षों की पूजा परंपरा को लेकर कई राजनयिक खासतौर पर प्रभावित हुए।
हनुमान मंदिर के दर्शन के बाद, राजनयिकों का समूह पुलिस लाइन सभागार पहुंचा, जहां CM Yogi Adityanath ने उनसे मुलाकात की। इस अवसर पर प्रदेश के वित्त मंत्री श्री सुरेश खन्ना, नगर विकास मंत्री श्री अरविंद कुमार शर्मा और अन्य जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।