हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने श्री मुक्तसर साहिब में साझा संस्कृति और भाईचारे पर जोर दिया। उन्होंने पंजाब में प्राकृतिक आपदा के दौरान हरियाणा की सहायता और पंजाब सरकार की लापरवाही पर भी प्रकाश डाला।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने श्री मुक्तसर साहिब में माघी मेले के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पंजाब और हरियाणा के गहरे रक्त संबंध, भाईचारा और साझा सांस्कृतिक मूल्यों पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा हमेशा पंजाब के साथ खड़ा रहा है, खासकर हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान। उन्होंने हरियाणा की तरफ से पंजाब को दी गई सहायता का जिक्र करते हुए इसे क्षेत्रीय भाईचारे और परंपराओं का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने श्री मुक्तसर साहिब की पवित्र भूमि को इतिहास के सुनहरे अध्यायों में अंकित बताते हुए कहा कि यहां चाली मुक्तों ने अपने गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के लिए प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि मुक्ति केवल मृत्यु के बाद ही नहीं बल्कि सत्य और न्याय के मार्ग पर खड़े होकर भी प्राप्त की जा सकती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सैनी ने मकर संक्रांति की शुभकामनाएं भी दीं।
आज पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में आयोजित “माघी मेला” कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ। इस अवसर पर उपस्थित अपने परिवारजनों को लोहड़ी और मकर संक्रांति पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
पंजाब और हरियाणा केवल पड़ोसी राज्य नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और साझा संस्कृति से जुड़े… pic.twitter.com/aHs8X3jMqB
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) January 14, 2026
पंजाब में हालिया प्राकृतिक आपदा के संदर्भ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के लोग हर संभव तरीके से पंजाब के साथ खड़े रहे। वहीं, उन्होंने खेद जताया कि इस कठिन समय में कुछ नेता जनता की पीड़ा के प्रति संवेदनशील नहीं रहे और जब सबसे अधिक मजबूत नेतृत्व की जरूरत थी, तब वह अनुपस्थित दिखे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सरकार की उपलब्धियों को उजागर करते हुए बताया कि विधानसभा चुनावों में 217 वादों वाले संकल्प पत्र में से 54 वादे पहले वर्ष में ही पूरे किए जा चुके हैं, जबकि शेष वादों पर तेजी से काम चल रहा है। इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा किए गए अधिकांश वादे केवल कागजों तक सीमित रह गए।
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उन्होंने किसानों के हितों का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है जहां सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाती है। किसानों को 48 घंटों के भीतर भुगतान प्राप्त होता है और देरी होने पर ब्याज भी दिया जाता है। पराली प्रबंधन के लिए हरियाणा सरकार प्रति एकड़ 1,200 रुपये का प्रोत्साहन और कृषि मशीनरी पर सब्सिडी प्रदान कर रही है, जबकि पंजाब में इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब में एमजीएनआरईजीए योजना में अनियमितताएं सामने आई हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि हरियाणा में दोहरी इंजन वाली सरकार ने विकास की गति तेज की है और कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित किया है।