मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का गुस्सा फूटा, मंच से फेंका गलत नाम वाला पर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का गुस्सा फूटा, मंच से फेंका गलत नाम वाला पर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का गुस्सा फूटा, जब भुजियाघाट में एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें गलत नाम वाला पर्चा सौंपा गया। गलत नाम के उच्चारण के बाद सीएम ने पर्चा मंच से फेंका और अपनी सटीकता की ओर ध्यान आकर्षित किया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का गुस्सा उस वक्त फूटा जब उन्हें भुजियाघाट में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गलत नाम वाला पर्चा सौंपा गया। पर्चे में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट का नाम गलत तरीके से ‘प्रदीप बिष्ट’ लिखा गया था, जिसके कारण सीएम धामी ने गलती से इस नाम का उच्चारण कर दिया।

गलत नाम के कारण गुस्से में आए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

कार्यक्रम के उद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जैसे ही पर्चे पर दिए गए नामों का उच्चारण करना शुरू किया, वह गलती से भाजपा जिलाध्यक्ष के नाम को ‘प्रदीप बिष्ट’ बोल गए। जैसे ही उन्हें इस गलती का अहसास हुआ, उन्होंने तुरंत उस पर्चे को मंच से हवा में उछालते हुए कहा, “ऐसे पर्चे का क्या फायदा, जिसमें नाम ही गलत लिखा हो?”

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कागज की गलती से उपजा घटनाक्रम

यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब कार्यक्रम से पहले किसी ने विशिष्ट व्यक्तियों के नाम लिखे हुए कागज को विधायक भगत के पास दिया था, जिसे बाद में सांसद अजय भट्ट और अन्य नेताओं के पास पहुंचाया गया। अंततः यह कागज मुख्यमंत्री के पास पहुंचा, जिस पर नामों की सूची थी। सीएम ने कई नामों का उच्चारण किया, लेकिन जैसे ही उन्होंने जिलाध्यक्ष का नाम ‘प्रदीप बिष्ट’ कहा, उन्हें यह महसूस हुआ कि कागज में गलती थी और उन्होंने इसे तुरंत उछाल दिया।

कार्यक्रम में सीएम का नामों का उच्चारण बिना पर्चे के

इसके बाद, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों के नाम बिना किसी कागज के ही संबोधित किए, जिससे यह साबित हुआ कि उनका ध्यान और ध्यानाकर्षण सिर्फ सही जानकारी पर था। इस घटना को लेकर वहां मौजूद लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे थे और इस पर चर्चा हो रही थी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सख्त रवैया

इस घटना ने यह साफ कर दिया कि मुख्यमंत्री धामी अपने कार्यों में अत्यधिक सटीकता और समर्पण रखते हैं। हालांकि, इस छोटी सी गलती को लेकर उनका गुस्सा उनके सटीकता की चाहत और कार्यों के प्रति जिम्मेदारी को ही दर्शाता है।

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