CM Bhajan Lal Sharma : ‘वंदे गंगे’ जल संरक्षण-जन अभियान- हमारी संस्कृति में पर्यावरण संरक्षण का विशेष महत्व

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CM Bhajan Lal Sharma : ‘वंदे गंगे’ जल संरक्षण-जन अभियान- हमारी संस्कृति में पर्यावरण संरक्षण का विशेष महत्व

CM Bhajan Lal Sharma ने कहा कि राजस्थान को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत है। यही कारण है कि हमारी सरकार ने ईआरसीपी, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर, माही बांध और देवास जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कर्म भूमि से मातृ भूमि अभियान के माध्यम से राजस्थान में जल संरक्षण का काम किया जा रहा है। वहीं, हमारी सरकार ने पिछले डेढ़ साल में राज्य में पानी की उपलब्धता और जल संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक काम किया है।

CM Bhajan Lal Sharma विश्व पर्यावरण दिवस और गंगा दशहरा के अवसर पर बुंदी के केशोरायपाटन में ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण-जन अभियान के तहत एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत आम जनता की भागीदारी से तालाबों, गड्ढों, झीलों और बांधों में पानी इकट्ठा करने का काम शुरू किया गया है। इससे भूजल स्तर बढ़ेगा और लोगों को पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री ने नदी की पूजा की।

CM Bhajan Lal Sharma ने कहा कि विकसित राजस्थान के लिए पानी एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में पर्यावरण संरक्षण का विशेष महत्व है। हम पेड़ों, पहाड़ों और नदियों की पूजा करते हैं। उन्होंने केशव घाट पर ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण-जन अभियान के तहत मंत्रों का विधिवत जाप करते हुए चंबल मां (चारमण्यवती नदी) की पूजा की। उन्होंने चूनी महोत्सव में भी भाग लिया। मुख्यमंत्री द्वारा चढ़ाई गई चुनरी को केशव घाट से चंबल नदी पर रंगपुर घाट तक नाव और नौकाओं के माध्यम से ले जाया गया। इससे पहले शर्मा ने केशव राय मंदिर में पूजा-अर्चना की और राज्य की समृद्धि और कल्याण के लिए प्रार्थना की। इस दौरान मंदिर के पुजारियों ने उन्हें वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान की पहल के लिए बधाई पत्र दिया।

पेयजल और सिंचाई का प्रमुख स्रोत –
CM Bhajan Lal Sharma ने कहा कि चंबल न केवल राजस्थान के लिए एक नदी है, बल्कि करोड़ों लोगों के लिए पेयजल और सिंचाई का एक प्रमुख स्रोत भी है। इस पर बने बांधों से भी बिजली पैदा की जा रही है। उन्होंने कहा कि चंबल के पानी से कोटा, बारां और बूंदी में 2 लाख 29 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र की सिंचाई की जा रही है। इसके बेसिन में, 7,355 करोड़ रुपये की लागत से परवान मेगा सिंचाई परियोजना शुरू की जा रही है, जिससे कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों में 2 लाख हेक्टेयर से अधिक का सिंचित क्षेत्र बनेगा।

धौलपुर में लगभग 40 हजार हेक्टेयर नए सिंचित क्षेत्र का विकास किया जाएगा –
CM Bhajan Lal Sharma ने कहा कि चंबल नदी पर धौलपुर लिफ्ट सिंचाई परियोजना पर काम चल रहा है, जिससे धौलपुर जिले में लगभग 40 हजार हेक्टेयर नए सिंचित क्षेत्र का विकास होगा। मानसून के दौरान चंबल नदी के अतिरिक्त पानी को उठाकर धौलपुर जिले में पार्वती बांध और रामसागर बांध में पानी की कमी को पूरा करने का काम किया जाएगा। इसलिए, नदियों और चंबल जैसे अन्य जल स्रोतों को बचाने और संरक्षित करने के लिए, ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण-जन अभियान के रूप में एक नई पहल की गई है।

जल संरक्षण का संदेश गांवों और शहरों तक पहुंचा –
CM Bhajan Lal Sharma ने कहा कि वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान के तहत जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा, जल स्रोतों की सफाई की जाएगी और पारंपरिक जल निकायों को बहाल किया जाएगा। यह अभियान 20 जून तक राज्य भर में चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि जल संरक्षण का संदेश हर गांव, हर शहर और हर व्यक्ति तक पहुंचे और राजस्थान पूरे देश में जल संरक्षण प्रयासों का एक उदाहरण बने।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामजल सेतु लिंक परियोजना के माध्यम से 17 जिलों की पानी की जरूरतों को पूरा किया जाएगा और 4 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि रामगढ़ (ठंडी नदी), महलपुर (पार्वती नदी) और नवनेरा (कालीसिंध नदी) बैराजों से पानी बिसलपुर और इसारदा बांधों में लाया जाएगा। वहीं, शेखावाटी क्षेत्र को भी यमुना का पानी मिलेगा।

प्रधानमंत्री का विजन-‘कैच द रेन “और’ कर्मभूमि टू मातृभूमि” अभियान
CM Bhajan Lal Sharma ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक वृद्ध मां के नाम “अभियान की शुरुआत की है। हमारी सरकार ने भी पिछले साल 7 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए। वहीं, इस साल राज्य में 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के साथ राज्य में कैच द रेन और कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही लोगों ने उनके द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत अभियान में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है।

विद्युत राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हीरालाल नागर ने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा राज्य में पानी की उपलब्धता के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कालीसिंध नदी पर बने नवनेरा बांध से कोटा-बूंदी क्षेत्र को पीने का पानी और सिंचाई का पानी मिलेगा। साथ ही ईआरसीपी और यमुना जल समझौते के माध्यम से आम लोगों की पानी की जरूरतों को भी पूरा किया जाएगा।
इस मौके पर मार्केट कमेटी के चेयरमैन गुरपाल सिंह, जिला परिषद के चेयरमैन बिक्रम सिंह मोफर, मार्केट कमेटी के चेयरमैन ज्ञान चंद सिंगला, कुलवंत राय सिंगला, रणजीत कौर भट्टी और ब्लॉक समिति के चेयरमैन कर्मजीत कौर भी मौजूद थे।

 

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