CM Bhajan Lal Sharma के नेतृत्व में राजस्थान ‘संकल्प से सिद्धि “के पथ पर एक नई हरित क्रांति की ओर बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने ‘हरियालों राजस्थान वृक्षारोपण महाभियान’ के तहत इस साल मानसून में राज्य भर में 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। अब तक 54,900 से अधिक स्थानों पर 50 लाख 87 हजार से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले साल भी इस अभियान के तहत 7 करोड़ पौधे लगाने का ऐतिहासिक कार्य पूरा किया गया था।
सरकार इस आंदोलन को जन आंदोलन के रूप में ले रही है। आम लोगों की भागीदारी से हर जिले में ‘मातृ वन’ विकसित किए जा रहे हैं, जो न केवल पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक हैं, बल्कि सामाजिक भावनाओं से भी जुड़े हुए हैं। इस अभियान को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ‘एक वृद्ध मां के नाम “पहल से भी जोड़ा जा रहा है और इसे और व्यापक बनाया जा रहा है।
पांच वर्षों में 50 करोड़ संयंत्र लगाने का लक्ष्य
मिशन हरियालों राजस्थान के तहत अगले पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। इस पहल को प्रौद्योगिकी के साथ जोड़कर ‘हरियालो राजस्थान मोबाइल ऐप’ भी विकसित किया गया है, ताकि हर संयंत्र की निगरानी की जा सके। वृक्षारोपण से लेकर वृक्ष निर्माण तक, इस ऐप के माध्यम से उनकी सुरक्षा, देखभाल और स्थिति का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। यह पहल राज्य को हरित और टिकाऊ भविष्य की ओर ले जाने में एक मील का पत्थर है।
‘मदर फॉरेस्ट’-प्रत्येक नागरिक की भागीदारी वाला एक अभियान
राज्य सरकार के बजट 2024-25 की घोषणा के अनुसार, ‘मातृ वन’ प्रत्येक जिले में स्थापित किया जा रहा है। स्मृति वन की तर्ज पर बनाए जा रहे इन जंगलों में लोग अपने प्रियजनों की याद में पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण में भागीदार बन सकते हैं। यह अभियान जन्मदिन, वर्षगांठ या किसी विशेष अवसर पर वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करके जन भागीदारी का प्रतीक बन रहा है।
एक दिन में पेड़ लगाने का इतिहास
7 अगस्त 2024 को हरियाली तीज के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने जयपुर जिले के डुडू क्षेत्र में ‘एक वृक्ष मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की। राज्य को केंद्र सरकार से 3 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य मिला था, लेकिन राज्य के लोगों की सक्रिय भागीदारी से 7 करोड़ 35 लाख पौधे लगाए गए। घरों, खेतों, कार्यालय परिसरों, स्कूलों, कॉलेजों और यहां तक कि सड़कों के किनारे भी पौधे लगाए गए। राजस्थान ने इस दिन एक करोड़ से अधिक पौधे लगाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया, जिसे वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन द्वारा भी प्रमाणित किया गया था।
राज्य के लोगों ने 80 हजार हेक्टेयर वन भूमि पर पौधे लगाने के साथ-साथ यह भी संकल्प लिया कि पौधे बनने तक लगाए गए पौधों को पूरी तरह से बचाया जाएगा।
2025 तक 50 लाख पौधे लगाए जाएंगे
1 अप्रैल से 3 जुलाई 2025 के बीच विभिन्न विभागों द्वारा कुल 50 लाख से अधिक पौधे लगाए गएः
मनरेगाः 29.68 लाख पौधे
पंचायती राज और ग्रामीण विकासः 13.25 लाख पौधे
वन विभागः 2.72 लाख पौधे
जलग्रहण विभागः 1.43 लाख पौधे
बागवानी विभागः 1.25 लाख पौधे
‘हरिया राजस्थान’ केवल एक वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि जनभागीदारी से युक्त एक पर्यावरण आंदोलन है, जो रेगिस्तानी पहचान से परे राजस्थान को एक हरित राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।