CM Bhajan Lal Sharma ने खनिज संपदा के उचित दोहन द्वारा राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खनन अधिनियमों और नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करके अवैध खनन गतिविधियों की प्रभावी रोकथाम की जानी चाहिए।
CM Bhajan Lal Sharma रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर खान विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रचुर मात्रा में खनिज संसाधन हैं और इसमें खनन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने खान विभाग को नए खनन क्षेत्रों की खोज में तेजी लाने और नीलामी प्रक्रिया को और गति देने का निर्देश दिया। श्री शर्मा ने कहा कि नीलाम किए गए ब्लॉकों में खनन कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाना चाहिए ताकि उपभोक्ताओं की मांग की समय पर पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
प्रक्रिया में आवश्यक सुधार
मुख्यमंत्री भजन लाल ने कहा कि खनन राज्य के राजस्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसी स्थिति में खनन विभाग को निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करनी चाहिए। इस संबंध में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दंड प्रक्रिया में सुधार करने और इसे आवश्यकतानुसार सुसंगत बनाने का निर्देश दिया।
नवीन तकनीकों के माध्यम से अवैध खनन की प्रभावी रोकथाम
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि विभाग को नई सूचना प्रौद्योगिकी तकनीकों को शामिल करके अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगानी चाहिए। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन सर्वेक्षण और माल की ढुलाई की कड़ी जांच सुनिश्चित करके अवैध खनन पर अंकुश लगाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे। इसके लिए पुलिस, जिला प्रशासन, वन विभाग, परिवहन विभाग और खान विभाग को एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना चाहिए।
एम-सैंड को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित करें-सीएम भजन लाल ने कहा कि एम-सैंड पर्यावरण के अनुकूल होने के अलावा गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्री का एक उत्कृष्ट विकल्प है। इसे व्यापक रूप से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि बजरी के दोहन में कमी आए। साथ ही श्री शर्मा ने क्रशर डस्ट के उपयोग को प्रोत्साहित करने का भी निर्देश दिया।
विभाग का पुनर्गठन
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि विभागीय कर्मियों को समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए और राज्य के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने विभागीय कार्यों की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए खान विभाग का पुनर्गठन करने और लंबे समय से विभाग में तैनात कर्मियों का स्थानांतरण करने का भी निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने नए ब्लॉकों की नीलामी की संभावनाओं का पता लगाने के लिए डीएमएफटी और एनएमईटी से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने ओडिशा सहित अन्य राज्यों में खनन क्षेत्र में लागू सर्वोत्तम प्रथाओं की जांच करने और उन्हें राजस्थान में लागू करने की संभावना पर काम करने का भी निर्देश दिया।
बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।