चैत्र नवरात्रि 2026: जानें अष्टमी (26 मार्च) और नवमी (27 मार्च) की तिथि, शुभ मुहूर्त और कन्या पूजन का महत्व। माता महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा से मिलेगा आशीर्वाद।
इस साल चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है। पहले दिन घटस्थापना के साथ नौ दिनों तक माता दुर्गा की पूजा, व्रत और धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। देवी भागवत पुराण और मार्कंडेय पुराण में कहा गया है कि नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथियों में किए गए पूजा-अर्चना अत्यंत फलदायी होते हैं। इन दिनों देवी की उपासना करने से सभी संकट दूर होते हैं और नवरात्रि के नौ दिनों का अनुष्ठान सफल होता है।
चैत्र नवरात्रि 2026 घटस्थापना मुहूर्त
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सुबह: 06:52 – 07:43
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अभिजित मुहूर्त: 12:07 – 12:55
चैत्र नवरात्रि 2026: अष्टमी
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तिथि: 25 मार्च 2026 दोपहर 1:50 से 26 मार्च सुबह 11:48 तक
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मुहूर्त:
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सुबह 6:20 – 7:52
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सुबह 10:56 – दोपहर 2:01
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शाम 5:06 – रात 9:33
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पूजा: मां महागौरी पूजन
मान्यता है कि मां महागौरी अविवाहित कन्याओं को योग्य वर प्रदान करती हैं और विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद देती हैं। इस दिन भक्त अपनी कुल देवी की भी पूजा करते हैं।
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चैत्र नवरात्रि 2026: नवमी
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तिथि: 26 मार्च सुबह 11:48 से 27 मार्च सुबह 10:06 तक
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मुहूर्त: 06:18 – 10:56
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पूजा: मां सिद्धिदात्री पूजा
नवमी के दिन मां सिद्धिदात्री की उपासना करने से बुद्धि, विवेक और ज्ञान बढ़ता है। साधना करने वालों को आध्यात्मिक शक्ति और आत्मिक शांति प्राप्त होती है।
कन्या पूजन का महत्व
अष्टमी और नवमी दोनों दिन कन्या पूजन के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं। पुराणों के अनुसार, कन्याओं का सम्मान और पूजन करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्त को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। शास्त्रों में कहा गया है:
“कुमार्यः पूजिता यत्र तत्र देवी प्रसिद्यति।”
अर्थ: जहां कन्याओं का सम्मान और पूजन होता है, वहां देवी प्रसन्न होकर आशीर्वाद देती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।