Cat Ownership: कैट पालना मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है? रिसर्च बताती है कि बिल्ली के संपर्क से स्किजोफ्रेनिया जैसे मानसिक रोग का संभावित रिस्क बढ़ सकता है। सावधानी और सही देखभाल जरूरी।
Cat Ownership: आजकल लोग अकेले समय में साथी के रूप में पालतू जानवर पालने लगे हैं, और बिल्लियाँ उनमें सबसे लोकप्रिय हैं। लेकिन हालिया रिसर्च के अनुसार, कैट ओनरशिप और मानसिक स्वास्थ्य के बीच कुछ संभावित संबंध पाए गए हैं।
Cat Ownership और Schizophrenia का लिंक
ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड सेंटर फॉर मेंटल हेल्थ रिसर्च के वैज्ञानिकों ने पिछले 40 साल की 17 स्टडीज का मेटा-एनालिसिस किया। इसमें पाया गया कि जिन लोगों का बिल्ली से संपर्क रहा, उनमें आगे चलकर मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं, जैसे कि स्किजोफ्रेनिया, विकसित होने का जोखिम लगभग दोगुना हो सकता है।
संभावित कारण
इस संबंध को समझाने में सबसे ज्यादा चर्चा में है Toxoplasma gondii, एक पैरासाइट जो आमतौर पर बिल्लियों में पाया जाता है। यह कैट के मल-मूत्र, काटने, अधपके मीट या गंदे पानी के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकता है। यह दिमाग तक पहुँच कर न्यूरोट्रांसमीटर को प्रभावित कर सकता है, जिससे व्यक्तित्व में बदलाव और साइकोटिक लक्षण आ सकते हैं।
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रिसर्च की सीमाएं
हालांकि रिस्क दोगुना लगना डरावना है, लेकिन तस्वीर उतनी सरल नहीं है।
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अधिकांश स्टडीज केस-कंट्रोल थीं, यानी लंबे समय तक फॉलो-अप नहीं किया गया।
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कुछ स्टडीज ने कैट और मानसिक रोग के बीच स्पष्ट लिंक नहीं पाया।
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यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन की 2017 स्टडी में 5,000 लोगों को जन्म से 18 साल तक फॉलो किया गया और कोई ठोस संबंध नहीं मिला।
Cat Owners के लिए सुझाव
बिल्लियाँ पालना स्किजोफ्रेनिया का कारण नहीं बनता, लेकिन सावधानी बरतना हमेशा फायदेमंद होता है।
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लिटर बॉक्स साफ रखें।
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बिल्ली के मल-मूत्र को संभालने के बाद हाथ धोएं।
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पालतू को स्वस्थ और साफ रखें।