अगर आप रोजाना नाश्ते में Bread खाते हैं तो सावधानी बरतें। यह धीरे-धीरे आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है और खासकर लिवर को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
आजकल लोग बहुत पसंद से Bread खाते हैं और अक्सर नाश्ते में इसे ही चुनते हैं। यह जल्दी बनने वाला खाना है, जिससे ऑफिस या बच्चों को स्कूल भेजने के वक्त मम्मियां आसानी से ब्रेड तैयार कर देती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रोजाना ब्रेड खाने से क्या प्रभाव पड़ता है? क्या इससे लिवर फैटी की समस्या हो सकती है? ब्रेड हमारे स्वास्थ्य पर कैसे असर डालता है?
रोजाना Bread खाने से हमारे पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है। इससे कब्ज, एसिडिटी और गैस जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। साथ ही, इसका लिवर पर भी नकारात्मक प्रभाव हो सकता है। क्योंकि ब्रेड में फाइबर लगभग नहीं होता, इसलिए यह पाचन संबंधी दिक्कतें भी पैदा कर सकता है। जो लोग हर दूसरे या तीसरे दिन ब्रेड खाते हैं, उनके लिए यह नुकसानदायक हो सकता है।
ब्रेड में मौजूद नुकसानदायक तत्व
Bread में रिफाइंड आटा, शक्कर और प्रिजर्वेटिव्स की मात्रा ज्यादा होती है। इसमें कैल्शियम प्रोपियोनेट और सोडियम स्टियरॉइल लैक्टेट जैसे रसायन भी मिलाए जाते हैं। साथ ही, इसमें फाइबर की मात्रा काफी कम होती है। रिफाइंड आटा शरीर में जल्दी ग्लूकोज में बदल जाता है, जिससे इंसुलिन का स्तर बढ़ता है और शरीर फैट जमा करने लगता है। यह फैट धीरे-धीरे लिवर में भी जमा हो सकता है, जो फैटी लिवर की समस्या का कारण बनता है। ब्रेड का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) भी अधिक होता है, जिससे डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।
क्या ब्रेड खाने से लिवर फैटी होता है?
Bread में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है। रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का अधिक सेवन फैटी लिवर की समस्या को जन्म दे सकता है। सफेद ब्रेड में मौजूद मैदा तेजी से ग्लूकोज में बदल जाता है, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस होता है और लिवर में फैट जमने लगता है। इसलिए सफेद ब्रेड से बचना बेहतर होता है।
ब्रेड की जगह क्या खाएं?
डॉक्टरों की सलाह है कि अगर आप प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन करते हैं, तो यह भी फैटी लिवर को बढ़ावा दे सकता है। इसलिए ब्रेड का सेवन कम करें और अपनी डाइट में साबुत अनाज, ताजे फल और हरी सब्जियां शामिल करें। साथ ही रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करें और दिन में 8-10 ग्लास पानी पीना न भूलें।