उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज, बजट सत्र की तारीख और आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास सहित 30 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी।
उत्तर प्रदेश कैबिनेट की गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई, जिसमें राज्य के विकास और कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मंजूरी दी गई। कुल 32 प्रस्तावों में से 30 को हरी झंडी दी गई, जबकि केवल 14वें और 17वें प्रस्ताव को रोका गया।
इस बैठक में सबसे प्रमुख निर्णय शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान करने का था। इस योजना के लागू होने से लगभग 11.92 लाख शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइये लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते वर्ष शिक्षक दिवस के मौके पर इस योजना की घोषणा की थी। इसे आयुष्मान योजना की तर्ज पर लागू किया जाएगा और 358.61 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
बजट सत्र की तारीख तय
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 11 फरवरी को पेश किया जाएगा। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि कैबिनेट ने शिक्षकों के कैशलेस इलाज सहित कुल 15 प्रस्तावों को मंजूरी दी।
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मुख्य फैसले और योजनाएं
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शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को मंजूरी।
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नक्शा पासिंग प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा।
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विकास शुल्क में संशोधित दरें लागू होंगी।
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बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना।
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सीएम फैलो योजना: राज्य लोकसेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्तियों में आयु सीमा में 3 साल की छूट और अनुभव के आधार पर भारांक।
परिवहन विभाग के फैसले
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सहायक मोटर यान निरीक्षक के 351 नए पद सृजन और भर्ती के लिए नियमावली स्वीकृत।
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ड्राइविंग लाइसेंस और पहाड़ी क्षेत्रों में वाहन चलाने की अनुमति जैसी सेवाएं अब फेसलेस होंगी।
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शुद्ध इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के पंजीकरण शुल्क में छूट।
आपदा प्रभावित परिवारों का पुनर्वास
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने आपदा प्रभावित परिवारों को पुनर्वास और सरकारी आवास, भूमि का पट्टा देने की मंजूरी दी। बहराइच के परतापुर और अन्य गांवों में 136 परिवारों को भूमि और आवास की सुविधा प्रदान की जाएगी।
विशेष जानकारी
शिक्षकों के कैशलेस इलाज का लाभ उन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा, जो पहले से आयुष्मान जैसी सरकारी योजना के तहत कवर हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग के 2,97,579 कर्मचारी इस योजना से सीधे लाभान्वित होंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार के इन फैसलों का उद्देश्य शिक्षा, परिवहन, आपदा प्रबंधन और शहरी विकास को बेहतर बनाना है।