ब्रज की होली 2026 की शुरुआत वसंत पंचमी से होगी। बांकेबिहारी मंदिर में 40 दिवसीय रंगोत्सव, गुलाल शृंगार और टेसू के रंगों से होली की भव्य तैयारी।
उत्तर प्रदेश के मथुरा में ब्रज की होली की तैयारियां जोरशोर से शुरू हो गई हैं। श्री बांकेबिहारी मंदिर में सेवायत 40 दिवसीय होली को लेकर व्यस्त हैं। इस दौरान देश-विदेश से भक्त ठाकुरजी के दर्शन और रंगों के आनंद के लिए मथुरा और वृंदावन पहुंचेंगे।
वसंत पंचमी से शुरू होगी 40 दिवसीय होली
ब्रज की होली 2026 की शुरुआत 23 जनवरी, वसंत पंचमी से होगी। इस दिन मंदिर में ठाकुरजी का सतरंगी गुलाल शृंगार किया जाएगा। सेवायत गोस्वामी और अन्य सेवकजन श्रद्धालुओं के साथ इस पावन अवसर का आनंद लेंगे।
ठाकुरजी का यह गुलाल शृंगार धुलैंड़ी से एक दिन पहले तक निरंतर 40 दिनों तक चलेगा। प्रतिदिन सुबह शृंगार आरती से लेकर राजभोग आरती तक, चांदी के थालों में ठाकुरजी को सतरंगी गुलाल से सजाया जाएगा और प्रसादी गुलाल भक्तों पर छिटका जाएगा। शाम को शयन आरती तक भी दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं पर गुलाल बरसाया जाएगा।
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रंगभरनी और होली की मुख्य झलकियां
मंदिर के सेवायत अशोक गोस्वामी के अनुसार, 27 फरवरी से रंगभरनी एकादशी तक ब्रज की होली का मुख्य उत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान गुलाल के साथ टेसू के फूलों के रंग से मंदिर और परिसर सजेंगे।
इस 40 दिवसीय होली में भक्तों को ठाकुरजी के दर्शन, पूजा और ब्रज की पारंपरिक होली का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। मंदिर प्रशासन ने बताया कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस रंगोत्सव में शामिल होंगे।
ब्रज की होली का विशेष महत्व
ब्रज की होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है। बांकेबिहारी मंदिर में होली की यह 40 दिवसीय परंपरा भक्तों के लिए आनंद, भक्ति और सौभाग्य का संदेश लेकर आती है।