Bone Disease : गठिया क्या है और किन लोगों को होता है ज्यादा जोखिम?

Bone Disease : गठिया क्या है और किन लोगों को होता है ज्यादा जोखिम?

Bone Disease : गठिया एक सामान्य लेकिन चिंताजनक रोग है, जिसे अगर शुरुआती चरण में नजरअंदाज किया जाए तो यह गंभीर रूप ले सकता है। हालांकि, समय पर इसकी पहचान होने पर डॉक्टर को इलाज शुरू करने में आसानी होती है और मरीज को जल्दी राहत मिल सकती है।

जैसे-जैसे इंसान की उम्र बढ़ती है, शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं, जिनमें हड्डियों और जोड़ों की समस्याएं सबसे आम हो जाती हैं। खासकर बुजुर्गों में आर्थराइटिस या गठिया धीरे-धीरे पांव पसारने लगता है। यह बीमारी जोड़ों में सूजन, दर्द और जकड़न का कारण बनती है। लेकिन आखिर यह रोग होता क्या है, इसके संकेत क्या होते हैं और किन लोगों को इसका खतरा अधिक होता है—इस पर नज़र डालते हैं। साथ ही जानते हैं कि अगर यह बीमारी बढ़ जाए, तो इससे कैसे बचाव किया जा सकता है।

Bone Disease  एक प्रकार की जोड़ों से जुड़ी बीमारी है, जिसमें लगातार दर्द और सूजन बनी रहती है। इससे जोड़ सख्त हो जाते हैं और व्यक्ति को चलने, झुकने या अंगों को हिलाने-डुलाने में कठिनाई होने लगती है। कई बार यह परेशानी इतनी गंभीर हो जाती है कि रोजमर्रा के सामान्य काम करना भी मुश्किल हो जाता है।

Bone Disease कोई एकल बीमारी नहीं है, बल्कि यह कई तरह की स्थितियों का समूह है। इसमें सबसे आम प्रकार ऑस्टियोआर्थराइटिस और रूमेटाइड आर्थराइटिस शामिल हैं।

ऑस्टियोआर्थराइटिस
यह गठिया का सबसे सामान्य प्रकार है, जिसमें हड्डियों के सिरों पर मौजूद कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने लगता है। यह कार्टिलेज हड्डियों को आपस में रगड़ खाने से बचाता है। जब यह परत खत्म होने लगती है, तो हड्डियां आपस में टकराने लगती हैं, जिससे दर्द और सूजन पैदा होती है।

रूमेटाइड आर्थराइटिस
यह एक ऑटोइम्यून रोग है, जिसमें शरीर की इम्यून सिस्टम गलती से अपने ही जोड़ों पर हमला कर देती है। इससे जोड़ों में सूजन, दर्द, लालिमा और जकड़न की समस्या हो जाती है।

गाउट
इसमें शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है, जो क्रिस्टल बनाकर जोड़ों में जमा हो जाता है और असहनीय दर्द का कारण बनता है।

एंकायलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस
यह रीढ़ की हड्डी से जुड़ा गठिया है, जिसमें रीढ़ में कठोरता और लगातार दर्द की समस्या होती है।

गठिया के लक्षण

गठिया के लक्षण व्यक्ति की उम्र, जीवनशैली और गठिया के प्रकार पर निर्भर करते हैं, लेकिन आमतौर पर ये लक्षण सामने आते हैं:

  • जोड़ों में दर्द और सूजन
  • हिलने-डुलने में कठिनाई
  • सुबह के समय अकड़न
  • हाथ-पैरों में कमजोरी
  • हल्का बुखार
  • थकान और वजन में गिरावट

किन लोगों को होता है ज्यादा खतरा?

गठिया किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ समूहों में इसका जोखिम अधिक होता है:

  • बुजुर्गों में उम्र बढ़ने के साथ जोड़ों का घिसना सामान्य है
  • महिलाओं में विशेष रूप से रूमेटाइड आर्थराइटिस का खतरा अधिक होता है
  • अधिक वजन वाले लोगों के जोड़ों पर ज्यादा दबाव पड़ता है
  • जिनके परिवार में पहले किसी को गठिया हुआ है
  • पुराने फ्रैक्चर या जोड़ों में चोट
  • खराब खानपान, धूम्रपान और शारीरिक गतिविधि की कमी

गठिया से कैसे बचाव करें?

हालांकि गठिया को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन इन उपायों से खतरा कम किया जा सकता है:

  • रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें
  • वजन को संतुलित रखें
  • पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार लें
  • कैल्शियम और विटामिन डी का सेवन करें
  • धूम्रपान और शराब से बचें
  • समय-समय पर डॉक्टर से चेकअप कराते रहें

गठिया के इलाज में दवाएं, फिजियोथेरेपी और गंभीर मामलों में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। यदि सही समय पर उपचार शुरू हो जाए तो व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है।

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