पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जालंधर में गुरुद्वारा प्रबंधन समितियों के प्रमुखों और संत समाज के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक एक निजी आवास पर आयोजित की गई, जिसमें राज्य में धार्मिक सौहार्द, सामाजिक एकता और शांति व्यवस्था को मजबूत करने पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
बैठक का मुख्य केंद्र प्रस्तावित ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2026’ रहा, जिसे सरकार द्वारा पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सम्मान की रक्षा और बेअदबी जैसी घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से लाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पहल पर उपस्थित धार्मिक नेताओं के साथ विस्तृत चर्चा की और उनके सुझाव भी सुने।
ਅੱਜ ਜਲੰਧਰ ਰਿਹਾਇਸ਼ ਵਿਖੇ ਸ਼ਹਿਰ ਦੀਆਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪ੍ਰਬੰਧਕ ਕਮੇਟੀਆਂ ਦੇ ਮੁਖੀ ਸਾਹਿਬਾਨ ਅਤੇ ਸੰਤ ਸਮਾਜ ਦੇ ਸਤਿਕਾਰਯੋਗ ਮਹਾਂਪੁਰਸ਼ਾਂ ਨਾਲ ਮੁਲਾਕਾਤ ਕਰਨ ਦਾ ਸੁਭਾਗ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੋਇਆ।
ਬੇਅਦਬੀ ਦੀਆਂ ਮੰਦਭਾਗੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਨੂੰ ਸਖ਼ਤੀ ਨਾਲ ਰੋਕਣ ਲਈ ‘ਜਾਗਤ ਜੋਤ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਾਹਿਬ ਸਤਿਕਾਰ ਐਕਟ 2026’ ਲਿਆਉਣ ਦੇ ਸਾਡੇ ਯਤਨਾਂ… pic.twitter.com/YJLnHcy5YG
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) May 7, 2026
बैठक में मौजूद संत समाज और गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटियों के प्रमुखों ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया और इसे एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री को सम्मानित भी किया।
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इसके अलावा, बैठक में पंजाब में शांति, भाईचारे और साम्प्रदायिक सौहार्द को बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। राज्य की सामाजिक एकता, विकास और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने के लिए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार गुरु साहिबान की शिक्षाओं के अनुरूप कार्य करते हुए पंजाब के विकास और सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में शांति और भाईचारा बनाए रखना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक के अंत में सभी उपस्थित प्रतिनिधियों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे पंजाब में एकता, सम्मान और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने के लिए लगातार सहयोग करते रहेंगे।