मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संगरूर के धूरी में नए सब-डिविजनल और मातृ-शिशु अस्पताल का उद्घाटन किया, जिससे हजारों लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जिला संगरूर के धूरी क्षेत्र में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं से लैस नए सब-डिविजनल अस्पताल और मातृ-शिशु अस्पताल को जनता को समर्पित किया। लगभग 21.65 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर साझा जानकारी में बताया कि यह अस्पताल आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है और स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर नागरिक तक बेहतर और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है।
यह नया अस्पताल 80 बेड की क्षमता के साथ तैयार किया गया है, जिसमें 13 ओपीडी सेवाएं, एक सुसज्जित इमरजेंसी ब्लॉक, 7 अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर और आधुनिक लैब सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है, जिससे मरीजों को उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।
ਅੱਜ ਸੰਗਰੂਰ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਧੂਰੀ ਹਲਕੇ ਵਿਖੇ 21.65 ਕਰੋੜ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਹੋਏ ਆਧੁਨਿਕ ਸਬ-ਡਿਵਿਜ਼ਨਲ ਹਸਪਤਾਲ ਅਤੇ ਜੱਚਾ-ਬੱਚਾ ਹਸਪਤਾਲ ਨੂੰ ਲੋਕ ਸਮਰਪਿਤ ਕੀਤਾ।
80 ਬੈੱਡਾਂ ਦੀ ਸਮਰੱਥਾ, 13 OPD, ਐਮਰਜੈਂਸੀ ਬਲਾਕ, 7 ਓਪਰੇਸ਼ਨ ਥੀਏਟਰ, ਆਧੁਨਿਕ ਲੈਬਜ਼ ਅਤੇ ਮਾਹਿਰ ਡਾਕਟਰਾਂ ਨਾਲ ਲੈਸ ਇਹ ਹਸਪਤਾਲ ਹੁਣ 58 ਹਜ਼ਾਰ ਤੋਂ ਵੱਧ ਸ਼ਹਿਰੀ… pic.twitter.com/I0RoPMMjNF
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) March 17, 2026
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि इस अस्पताल से धूरी शहर की करीब 58 हजार आबादी के साथ-साथ आसपास के लगभग 70 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। अब लोगों को मातृ एवं शिशु देखभाल, मुफ्त जांच, सर्जरी और आपातकालीन सेवाओं के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई गई हैं।
also read: कैबिनेट मंत्री रवजोत सिंह ने होशियारपुर ब्लॉक-1 के नए…
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दोहराया कि पंजाब सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे।
इस पहल को पंजाब में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के बीच चिकित्सा सुविधाओं की खाई को कम करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।