आम आदमी पार्टी के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) में हाल ही में किए गए नियमों में बदलाव को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों के तहत अन्य राज्यों के अधिकारियों की नियुक्ति की अनुमति देकर पंजाब के विशेष अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है।
बलतेज पन्नू ने इसे पंजाब के जल संसाधनों पर नियंत्रण स्थापित करने की “सुनियोजित साजिश” करार दिया। उनका कहना है कि पहले बीबीएमबी के प्रमुख पदों पर पंजाब के अधिकार सुरक्षित थे, जिन्हें अब बदला जा रहा है, जिससे राज्य के हितों पर असर पड़ेगा।
ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਵਰ੍ਹਿਆਂ ਤੱਕ ਝੱਲਿਆ SYL ਨਹਿਰ ਦਾ ਸੇਕ!
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ਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ… pic.twitter.com/hIWOATZkE3— AAP Punjab (@AAPPunjab) April 15, 2026
उन्होंने एसवाईएल (SYL) नहर विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब ने वर्षों तक इस मुद्दे का बोझ झेला है। पन्नू ने आरोप लगाया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के शासनकाल में इस विवाद को लेकर अलग-अलग निर्णय लिए गए, जिनका सीधा असर राज्य पर पड़ा।
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उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री दरबारा सिंह के समय एसवाईएल को लेकर समझौते हुए, जबकि बाद में प्रकाश सिंह बादल सरकार के दौरान जमीन संबंधी प्रक्रियाएं आगे बढ़ीं। वहीं, कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यकाल के दौरान भी इस मुद्दे पर अलग-अलग घटनाएं सामने आईं, जिससे यह विवाद और गहराता गया।
पन्नू ने दावा किया कि केंद्र सरकार की मौजूदा नीति पंजाब के संघीय अधिकारों को कमजोर करने की दिशा में एक और कदम है। उन्होंने कहा कि पंजाब के जल और संसाधनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर इसमें समझौता नहीं किया जाएगा।
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि इस फैसले को वापस नहीं लिया गया, तो राज्य स्तर पर इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।