AAP नेता आतिशी ने एक्साइज पॉलिसी केस में ‘हितों के टकराव’ का मुद्दा उठाया, न्यायिक निष्पक्षता पर सवाल

AAP नेता आतिशी ने एक्साइज पॉलिसी केस में ‘हितों के टकराव’ का मुद्दा उठाया, न्यायिक निष्पक्षता पर सवाल

AAP नेता आतिशी ने एक्साइज पॉलिसी केस में न्यायमूर्ति स्वरना कांत शर्मा से जुड़े कथित हितों के टकराव पर सवाल उठाए। उन्होंने न्यायिक निष्पक्षता और पारदर्शिता की मांग की।

आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता आतिशी ने एक्साइज पॉलिसी से जुड़े मामले में न्यायिक निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक X पेज पर साझा एक पोस्ट में न्यायमूर्ति स्वरना कांत शर्मा से जुड़े संभावित “हितों के टकराव” (Conflict of Interest) का मुद्दा सामने रखा।

केस की सुनवाई और तारीखों पर उठे सवाल

आतिशी ने अपने बयान में कहा कि इससे पहले एक लेख में यह सामने आया था कि सीबीआई द्वारा दायर एक्साइज पॉलिसी रिवीजन पिटीशन में अदालत द्वारा असामान्य रूप से कम अंतराल पर सुनवाई की तारीखें दी जा रही थीं। यह मामला ट्रायल कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बाद उच्च स्तर पर पहुंचा था।

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सरकारी पैनल में न्यायाधीश के बच्चों की नियुक्ति

उन्होंने दावा किया कि एक जांच रिपोर्ट के अनुसार, न्यायमूर्ति स्वरना कांत शर्मा के दोनों बच्चे—इशान शर्मा और शंभवी शर्मा—भारत सरकार के पैनल वकील के रूप में नियुक्त हैं। ये नियुक्तियां क्रमशः 2025 में हुईं और दोनों वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अधीन कार्य कर रहे हैं।

‘हितों के टकराव’ का आरोप

AAP नेता ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ही यह तय करते हैं कि पैनल वकीलों को कितने केस मिलेंगे, जिससे उनकी आय और पेशेवर पहचान प्रभावित होती है। इसी बीच, वही तुषार मेहता एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले में न्यायमूर्ति स्वरना कांत शर्मा के समक्ष पेश हो रहे हैं।

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