अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर चंदा मामले पर सवाल उठाए। AAP संयोजक ने चंपत राय को लेकर जवाबदेही और पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा विवाद को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर मामले की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग की।
केजरीवाल ने कहा कि राम मंदिर के लिए देशभर के लोगों ने आस्था और विश्वास के साथ योगदान दिया है, ऐसे में इस तरह के आरोपों से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और जनता को स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
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चंपत राय को लेकर केजरीवाल ने पूछे सवाल
AAP नेता अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारी चंपत राय को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि आरोपों के बीच अब तक उन्हें जिम्मेदारी से क्यों नहीं हटाया गया।
उन्होंने कहा कि मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी जिन लोगों के पास है, उनसे इस पूरे मामले में जवाब मांगा जाना चाहिए। केजरीवाल ने सवाल किया कि अगर जांच चल रही है तो पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
राम मंदिर से करोड़ों का चंदा चोरी हो गया। राम भक्तों में बहुत गुस्सा है और मन में कई सवाल हैं। आज मैं सरकार से पहला सवाल पूछ रहा हूँ:
पूरे राम मंदिर का कंट्रोल चंपत राय के हाथ में है। सबसे ज्यादा आरोप चंपत राय पर ही लग रहे हैं। उसे अब तक हटाया क्यों नहीं गया? क्या इस बात का डर… pic.twitter.com/8Z9C4Q3jS5
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 23, 2026
केजरीवाल ने कहा- जनता जवाब जानना चाहती है
अपने वीडियो संदेश में केजरीवाल ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। इसलिए किसी भी तरह के आरोपों की सच्चाई सामने आना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में जनता के मन में कई सवाल हैं और सरकार को इनका जवाब देना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि वह आने वाले दिनों में इस मुद्दे से जुड़े अन्य सवाल भी उठाएंगे।
राम मंदिर मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज
अरविंद केजरीवाल के बयान के बाद राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा मामले को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। AAP ने इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है। केजरीवाल ने कहा कि श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और स्पष्ट जानकारी जरूरी है।