अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, भारत के हित में इस्तीफा दें लेकिन ट्रंप के सामने सर मत झुकाइए। रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने भारत को दिया 30 दिन का समय।
रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर अमेरिका ने भारत को अब 30 दिनों का समय दिया है, जिससे देश में सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बीच आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर किसी मजबूरी के कारण भारत को अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना करना पड़ रहा है, तो देशहित में जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए, लेकिन भारत मां का सिर किसी के सामने झुकाना गलत है।
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केजरीवाल का मोदी सरकार पर हमला
अरविंद केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका से अनुमति लेने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में देखा गया कि भारत के कदम अक्सर अमेरिका और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुकाव वाले रहे हैं, जिससे देशवासियों को बेहद पीड़ा हुई है।
भारत को रशिया से तेल ख़रीदने की इज़ाज़त देने वाला अमेरिका कौन होता है? भारत को अमेरिका से इज़ाज़त की क्यो ज़रूरत है?
पिछले कुछ महीनों में देशवासियों ने बहुत पीड़ा के साथ देखा है कि किस तरह एक के बाद एक, हर कदम पर आप ट्रम्प के सामने झुक गए और आपकी उसके सामने बोलने तक की हिम्मत… https://t.co/5Hk2ZOB5f3
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) March 6, 2026
केजरीवाल ने आगे कहा, “भारत हजारों साल पुराना महान देश है। हमारे 140 करोड़ देशवासियों के लिए यह स्वीकार्य नहीं कि हमारे प्रधानमंत्री किसी भी अन्य देश के सामने इस तरह नतमस्तक हों। इतिहास में भारत ने कभी भी अपनी स्वतंत्रता और स्वाभिमान नहीं खोए हैं। आज नेतृत्व में कमजोरी स्वीकार्य नहीं है।”
संजय सिंह का मोदी पर तीखा हमला
आप नेता संजय सिंह ने भी पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत का स्वाभिमान और प्रतिष्ठा अमेरिका के हाथों गिरवी रख दी है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए भी ट्रंप की अनुमति लेने की स्थिति में मजबूर होना पड़ रहा है। संजय सिंह ने कहा कि देश को ऐसे कमजोर नेतृत्व की जरूरत नहीं है और मोदी को देशहित में इस्तीफा देना चाहिए।
देशभर में इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्ष और आम आदमी पार्टी ने मिलकर मोदी सरकार की विदेश नीति और राष्ट्रीय स्वाभिमान को लेकर सवाल उठाए हैं।