Yogi Government लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष योजना ला रही है। इस योजना के तहत ज्यादा खर्च किए बिना ही कम निवेश में कारोबार शुरू करना संभव होगा। फ्लैट लाइक फैक्ट्री की खास बात यह होगी कि यह सीधे हाईवे से जुड़ी होगी।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लगातार लघु उद्योगों को प्रोत्साहित कर रही है। अब सरकार मध्यम और लघु उद्योगों (MSME) को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष योजना पर काम कर रही है, जिसके तहत ग्रेटर नोएडा में 125 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से फ्लैट जैसी फैक्ट्री स्पेस बनायी जाएगी।
यह फैक्ट्री स्पेस ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-28 में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) द्वारा विकसित किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना का प्रारंभिक सर्वेक्षण और मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, और इसे दो साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लगातार लघु उद्योगों को प्रोत्साहित कर रही है। अब सरकार मध्यम और लघु उद्योगों (MSME) को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष योजना पर काम कर रही है, जिसके तहत ग्रेटर नोएडा में 125 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से फ्लैट जैसी फैक्ट्री स्पेस बनायी जाएगी।
यह फैक्ट्री स्पेस ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-28 में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) द्वारा विकसित किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना का प्रारंभिक सर्वेक्षण और मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, और इसे दो साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार होगी फैक्ट्री
एक अधिकारी ने बताया कि इस योजना के तहत एमएसएमई यूनिट्स को एक साझा परिसर में अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराया जाएगा, जिससे उनकी उत्पादन और अन्य लागतें कम होंगी। YEIDA पूरी तरह से तैयार यूनिट्स प्रदान करेगा ताकि ये इकाइयां आसानी से अपना उत्पादन और संचालन शुरू कर सकें।
अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले से ही मजबूत एमएसएमई बेस होने के कारण यह प्रोजेक्ट नए निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। यह परियोजना EPC मॉडल (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) पर आधारित होगी, जिसमें तीन साल की डिफेक्ट लाइबिलिटी अवधि होगी।
बहुमंजिला होगी यह फैक्ट्री
यह “फ्लैटेड” फैक्ट्री एक बहुमंजिला भवन के रूप में बनेगी, जिसमें बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और तीन मंजिलें होंगी, और कुल क्षेत्रफल लगभग 38,665 वर्ग मीटर होगा।
मुख्य मल्टी-स्टोरिड बिल्डिंग के साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक परिसर विकसित किया जाएगा। इसमें आंतरिक जल आपूर्ति, बिजली, अग्नि सुरक्षा, लिफ्ट, और HVAC (हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग) जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी, जो एमएसएमई की आवश्यकताओं को पूरा करेंगी।
हाईवे से जुड़ी होगी फैक्ट्री
सरकार सीसीटीवी, एक्सेस कंट्रोल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा प्रणालियों के साथ सुरक्षा का पूरा इंतजाम करेगी। बिल्डिंग की डिज़ाइन ग्रीन बिल्डिंग स्टैंडर्ड के अनुसार होगी। सामान लाने-ले जाने के लिए हाईवे से जुड़ी 24 और 30 मीटर चौड़ी सड़कें भी बनाई जाएंगी।
इसके अलावा, परिसर में चारदीवारी, गेट, गार्ड रूम, आंतरिक सड़कें, पार्किंग, जल निकासी, सीवेज, जलापूर्ति, प्लंबिंग पंप, अग्नि सुरक्षा सिस्टम और भू-निर्माण जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी, जिससे एमएसएमई इकाइयों की स्थापना तेज़ और आसान हो जाएगी और अतिरिक्त खर्चों में भी कमी आएगी।