अमरेली जिले के धारी में AAP द्वारा किसान न्याय यात्रा, बाइक रैली और सभा का आयोजन

अमरेली जिले के धारी में AAP द्वारा किसान न्याय यात्रा, बाइक रैली और सभा का आयोजन

अमरेली में AAP की किसान न्याय यात्रा: गोपाल इटालिया और मनोज सोरठिया की मौजूदगी में 20 गांवों के नेता और कांग्रेस के कई नेता शामिल हुए।

अमरेली जिले के धारी में आम आदमी पार्टी के विधायक गोपाल इटालिया और प्रदेश संगठन महामंत्री मनोज सोरठिया की विशेष उपस्थिति में किसान न्याय यात्रा, बाइक रैली और सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विधायक गोपाल इटालिया, प्रदेश संगठन महामंत्री मनोज सोरठिया के साथ साथ जूनागढ़ जिला अध्यक्ष हरेश सावलिया, अमरेली जिला अध्यक्ष निकुंज सावलिया, लोकसभा प्रभारी कांतीभाई सतासिया, प्रदेश युवा अध्यक्ष ब्रिजराज सोलंकी, अमरेली जिला महामंत्री हिरन विरडिया, विधानसभा प्रभारी तथा अमरेली जिला युवा अध्यक्ष राहुल हरखानी, कामरेज विपक्ष नेता जे.डी. कथारिया, धारी तालुका अध्यक्ष लालजी चोवटिया, बगसरा तालुका अध्यक्ष भावेश गोधाणी, वीरपुर के पूर्व सरपंच प्रतापभाई वाला सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। इस सभा में 20 गांवों के सरपंच और कांग्रेस से जुड़े 70–80 से अधिक नेता आज आम आदमी पार्टी में शामिल हुए। इनमें चंपुभाई मकवाणा (शिवड), कालूभाई धाधल (रामपुर), लालभाई वाला (नागध्रा), अजयभाई वाला (लाखापादर), प्रदीपभाई दवे (फतेहगढ़), गोरधनभाई वसोया (देवला), रणुभाई (वावड़ी), विक्रमभाई जियाणी (माधुपुर), मनीषभाई राठोड़ (मीठ्ठापुर), कल्पेशभाई कोराट (डांगावदर), विनुभाई मंजूसा (जुनाचरख), मगनभाई सोलंकी (झरपरा), भरतभाई बजाणिया (जलजीवड़ी), लालभाई गोंडालिया (करमदड़ी, पूर्व मार्केटिंग यार्ड डायरेक्टर, धारी), चंद्रकांतभाई छेदाणी (रामपुर), राजूभाई पी. वाला (बोरडी, बार काउंसिल उप-प्रमुख, धारी), छत्रजीतभाई वाला (बोरडी, पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष, धारी), कल्पेशभाई चावड़ा (डांगावदर), भावेशभाई वावरिया (क्रांगसा), प्रतापभाई वाला (वीरपुर), ललितभाई इंटोलिया (पूर्व कांग्रेस शहर अध्यक्ष) सहित अनेक नेता AAP में शामिल हुए।

इस सभा को संबोधित करते हुए गोपाल इटालिया ने कहा कि अपनी ही बनाई सरकार तक हमारी बात नहीं पहुंचती। गांधीनगर तक कोई बात नहीं पहुंच रही। रास्ते तो कई हैं, लेकिन जब बात ही नहीं पहुंचेगी तो समस्याओं का समाधान कैसे होगा? विधायक बनने के बाद मैंने सबसे खराब स्थिति यह देखी कि भाजपा के किसी भी नेता का न तो बाजार में और न ही गांधीनगर में कोई प्रभाव है। अगर सरकार हो तो सरकार से बात करें, लेकिन अगर सरकार की जगह सर्कस चल रहा हो तो क्या करें? गांधीनगर में सर्कस है और यहां चुने गए लोगों की कोई नहीं सुनता। पूरे गुजरात में खेतों तक आने-जाने के रास्तों की समस्या है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं। गुजरात का भूमि राजस्व कानून 1879 का है और खंभे लगाने का कानून 1885 का—दोनों अंग्रेजों के बनाए हुए हैं और आज भी लागू हैं। सरकार चाहे तो एक मिनट में नया कानून बना सकती है, यह मैंने विधानसभा में देखा है। फिर किसानों को उचित मुआवजा देने वाला नया कानून क्यों नहीं बनता? क्योंकि सरकार किसानों का शोषण करना चाहती है।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार के पास बहुमत है, उन्हें किसने रोका है? सरकार को जनता की जरूरत नहीं रही; उन्हें अहंकार हो गया है कि वे किसी की बात नहीं सुनेंगे। 30 साल की सरकार ने गांवों को मजबूत नहीं किया। सुरेंद्रनगर के कलेक्टर को 1500 करोड़ के घोटाले में केंद्रीय एजेंसी ने पकड़ा—क्या सिर्फ वही भ्रष्टाचारी है? एक सोलर कंपनी को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की सिफारिश से काम मिला, फिर भी कलेक्टर ने उससे पैसे मांगे और लिए। ऊपर भी पैसे गए, नीचे वालों ने भी लिए—यही असली समस्या है। समर्थन मूल्य की योजना भाजपा के दलालों और एजेंटों को साल में एक बार कमाई कराने की योजना है। किसानों के लिए कुछ नहीं। सरकार में सुनने वाला कोई नहीं, केवल डराने-धमकाने के लिए प्यादे हैं।

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गोपाल इटालिया ने कहा कि खाद के लिए लाइन लगती है, लेकिन शराब के लिए कभी लाइन नहीं लगती—घर तक पहुंच जाती है। यह व्यवस्था गृह मंत्री ने बना दी है, कितनी भी पाबंदी हो, शराब की कमी नहीं होती। मैं मुख्यमंत्री को पत्र लिखूंगा कि शराब की जगह खाद बेचने की जिम्मेदारी बूटलेगरों को दे दी जाए— उन्हें चीजे बेचना अच्छे से आता है। करोड़ों रुपये बर्बाद होते हैं, पूछने वाला कोई नहीं। किसान बेमौसम बारिश का मुआवजा मांगे तो 50 कागज मांगे जाते हैं। गरीब और आम आदमी बोले तो कानून-व्यवस्था के नाम पर डराया जाता है। कानून गरीब को डराने के लिए है, व्यवस्था भाजपा वालों के लिए। सही बटन दबाओ तो सुख, गलत दबाओ तो दुख— अब यह जनता तय करेगी। गांवों की पीड़ा बहुत बढ़ गई है। आम आदमी पार्टी संघर्ष की पार्टी है। एक-एक कर नेता जेल जा रहे हैं, अब लगभग मेरी बारी है। सूटकेस भी तैयार है। जितना आप आशीर्वाद देंगे, उतना मजबूत काम करेंगे।

इस अवसर पर प्रदेश संगठन महामंत्री मनोज सोरठिया ने कहा कि 20 गांवों के सरपंच और कांग्रेस से 70–80 से अधिक नेता आज AAP में शामिल हुए हैं। एक तरफ लोग डरते हैं, दूसरी तरफ इतने लोग AAP से जुड़े—हम उनकी हिम्मत का स्वागत करते हैं। गुजरात की पीड़ा से बाहर निकलने के लिए लोगों ने AAP का साथ दिया है। इससे स्पष्ट है कि गुजरात में अब विकल्प है। भाजपा अब तक कहती रही कि कोई विकल्प नहीं—अब जनता कह रही है कि गुजरात को इस पीड़ा से मुक्त करने वाली केवल AAP है। आम आदमी दिन-रात मेहनत करता है, फिर भी घर चलाना मुश्किल है, जबकि सत्ता में बैठे कुछ लोगों ने 30 साल में भ्रष्टाचार से अरबों कमाए। AAP आज एक उम्मीद बनकर आई है। विसावदर की जनता को धन्यवाद—उन्होंने ताकतवर भाजपा को हराकर राजनीति में नया सूरज उगाया। यह संदेश है कि अगर सत्ता सीधे नहीं चलेगी, तो हर जगह विसावदर जैसी राजनीति होगी। बोटाद के आंदोलन में लाठीचार्ज हुआ, किसानों को जेल में डाला गया; आज भी AAP के राजूभाई करपड़ा और प्रविण राम सहित कई नेता जेल में हैं। AAP आज सत्ता से सवाल पूछ रही है—यह वर्षों बाद देखने को मिला है।

मनोज सोरठिया ने आगे कहा कि जब-जब जरूरत पड़ी, गुजरात ने गांधी और सरदार पैदा किए। आज जरूरत है कि गोपाल इटालिया, ब्रिजराज सोलंकी, राजू करपड़ा, इसुदान गढ़वी जैसे नेता पैदा हों। आदिवासी समाज में एकमात्र नेता चैतर वसावा जनता के लिए लड़ रहे हैं; विधायक होते हुए भी वे जनता के लिए जेल गए हैं और सरकार के सामने संघर्ष कर रहे हैं। AAP के योद्धा और कार्यकर्ता किसी की ताकत से नहीं डरते। हमारे पास पैसा या संसाधन नहीं—हमारे पास सिर्फ आपकी ताकत और आशीर्वाद है। आज हम वही आशीर्वाद लेने आए हैं। मिलकर सत्ता में बैठे लोगों को हराएंगे।

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