गांधी जयंती 2025 पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने लोगों से सालाना ₹5000 की खादी खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामोद्योग को बढ़ावा मिलेगा और भारत को 2047 तक आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने में मदद मिलेगी।
गांधी जयंती 2025 के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खादी और स्वदेशी वस्त्रों के प्रचार-प्रसार के लिए जनता से एक भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि यदि हर भारतीय परिवार सालाना कम से कम ₹5,000 की खादी खरीदने का संकल्प ले, तो यह न सिर्फ एक जनआंदोलन बनेगा, बल्कि ग्रामोद्योग और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई ऊर्जा मिलेगी।
‘खादी सिर्फ कपड़ा नहीं, एक राष्ट्र निर्माण आंदोलन है’ – अमित शाह
खादी ग्रामोद्योग स्टोर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए अमित शाह ने कहा: “आजादी के आंदोलन की आत्मा रही खादी को पीएम मोदी ने एक बार फिर जन-आंदोलन में बदला है। यह सिर्फ एक परिधान नहीं, राष्ट्रभक्ति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से खादी उद्योग का कारोबार कई गुना बढ़ा है, जिससे लाखों ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूती मिली है।
also read: प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने रद्द किया दशहरा…
आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में सहायक
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि यदि जनता खादी और स्वदेशी उत्पाद अपनाए, तो इससे स्थानीय कारीगरों और MSMEs (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों) को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। “हर साल ₹5000 की खादी खरीदने से ग्रामोद्योग को सपोर्ट, ग्रामीण रोजगार और भारत की स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा,” अमित शाह ने ज़ोर देकर कहा।
साल 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने का सपना
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने के लक्ष्य को पाने के लिए जनता को खादी और स्वदेशी अपनाना होगा। उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों की याद दिलाते हुए कहा: “स्वदेशी केवल उत्पाद नहीं, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाया गया कदम है।”