अमन अरोड़ा ने जॉब फेयर की सफलता को सराहा, 562 युवाओं को मौके पर मिला रोजगार

अमन अरोड़ा ने जॉब फेयर की सफलता को सराहा, 562 युवाओं को मौके पर मिला रोजगार

अमन अरोड़ा ने जॉब फेयर की सफलता की जानकारी दी। 61 कंपनियों और 2,129 युवाओं की भागीदारी वाले रोजगार मेले में 562 युवाओं का मौके पर चयन और 618 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट हुए।

आम आदमी पार्टी (AAP) नेता और पंजाब सरकार के मंत्री अमन अरोड़ा ने जॉब फेयर की सफलता को लेकर कहा कि रोजगार मेले ने युवाओं को बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उनके भविष्य को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

अमन अरोड़ा के अनुसार, इस जॉब फेयर में 61 प्रतिष्ठित कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिसमें 2,129 युवाओं ने भाग लेकर रोजगार के लिए अपनी योग्यता दिखाई। इस दौरान कंपनियों द्वारा 562 युवाओं का मौके पर ही चयन किया गया, जबकि 618 उम्मीदवारों को आगे की चयन प्रक्रिया के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया।

also read: मेरी कमाई मेरी ईमानदारी है, इसीलिए पंजाब के लोग मुझ पर पूरा भरोसा करते हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

उन्होंने कहा कि इस तरह के रोजगार मेले युवाओं और कंपनियों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने का प्रभावी माध्यम हैं। इससे योग्य उम्मीदवारों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलता है और कंपनियों को बेहतर प्रतिभाएं मिलती हैं।

अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी ऐसे रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को नौकरी के अवसर मिल सकें।

उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में कंपनियों की भागीदारी पंजाब के युवाओं की प्रतिभा और क्षमता पर बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराकर उनके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण किया जाए।

Related posts

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिंजौर में टिफिन बैठक में लिया हिस्सा, कार्यकर्ताओं के समर्पण को बताया संगठन की ताकत

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिंजौर में युवाओं से किया संवाद, कहा- युवा शक्ति ही राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत

AAP पंजाब मीडिया प्रभारी ने पेपर लीक मामले और किसानों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की