Akshaya Tritiya Upay : लक्ष्मी माता को प्रसन्न करने के लिए अक्षय तृतीया पर कर लें काम, धन की होगी बरसात

Akshaya Tritiya Upay : लक्ष्मी माता को प्रसन्न करने के लिए अक्षय तृतीया पर कर लें काम, धन की होगी बरसात

Akshaya Tritiya Upay: अक्षय तृतीया वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष शुक्रवार 10 मई है।अक्षय तृतीया पर इस बार राजयोग में खरीदारी होगी।

अक्षय तृतीया वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष शुक्रवार 10 मई है। इस बार अक्षय तृतीया पर राजयोग में सौदा होगा। तीन राज्य योग इस वर्ष अक्षय तृतीया पर खरीददारी करने के लिए अबूझ मुहूर्त के साथ बन रहे हैं। सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है, वेदाचार्य पंडित रमेशचंद्र त्रिपाठी बताते हैं। इस दिन किए गए हर शुभ कार्य को अनंत लाभ मिलेगा। पुराने समय में अक्षय तृतीया पर बहुत सारे शुभ कार्य हुए। इस उत्सव के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की व्यवस्था है। भगवान परशुराम भी इसी दिन पैदा हुए थे। इसी दिन मां गंगा का जन्म हुआ था। इसी दिन बद्रीनाथ के पट खुलते हैं।

इस पावन दिन स्नान-दानि और धार्मिक कार्य बहुत महत्वपूर्ण हैं। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा भी महत्वपूर्ण है। अक्षय तृतीया के दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु को विधिपूर्वक पूजा जाना चाहिए।

घर में साफ- सफाई रखें

अक्षय तृतीया के पावन दिन घर को साफ-सफाई करना महत्वपूर्ण है। इस दिन पूरा घर सफाई करें। अगर आपके घर में गंगा जल है, तो इसे पूरे घर में छिड़क दें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी को साफ-सफाई का ध्यान रखने वाले घर में स्थान मिलता है।

लड़ाई- झगड़े से दूर रहें

इस पावन दिन घर में शांति या लड़ाई-झगड़ा न होने दें। जिस घर में अशांति है, वहां मां लक्ष्मी नहीं रहती। जिस घर में सुखद माहौल होता है और परिवार के सदस्य प्यार से रहते हैं, वहां धन कभी नहीं कम होता।

सात्विक भोजन करें

अक्षय तृतीया के पर्व पर सात्विक भोजन करें। भोजन करने से पहले भगवान को भोग लगाना अनिवार्य है। इस दिन मांस-मदिरा और तामसिक भोजन नहीं खाना चाहिए। इस दिन भगवान का अधिक से अधिक ध्यान दें।

गलत कार्यों से दूर रहें

गलत कामों से हर समय बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन बुरा काम करने वाले को जीवन भर कई समस्याएं मिलती हैं। इस दिन गरीबों की सहायता करें। अपनी क्षमता के अनुसार दान दें।

 

 

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