कंपनी या अस्पताल के जिन लोगों ने कर्मचारियों पर सीवर में उतरने का दबाव बनाया, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए: डॉ. करन बारोट AAP
गत दिवस अहमदाबाद के यू.एन. मेहता अस्पताल में ड्रेनेज लाइन का कार्य करवाने के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आई। मिली जानकारी के अनुसार, ड्रेनेज लाइन में तीन हाउसकीपिंग कर्मचारियों को बिना उचित सुरक्षा उपकरणों के उतारा गया, जबकि इस प्रकार का कार्य उनकी ड्यूटी में भी शामिल नहीं था। इस दुर्घटना में एक कर्मचारी की दर्दनाक मृत्यु हो गई है, जबकि अन्य दो कर्मचारियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस गंभीर घटना को लेकर जिम्मेदार तंत्र के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को उचित न्याय और मुआवजा देने की मांग की गई है। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री एवं प्रदेश मुख्य प्रवक्ता डॉ. करन बारोट, AAP की हॉस्पिटल केयर कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष विनोद परमार तथा आम आदमी पार्टी के भरत प्रजापति, जगदीश वणजारा, गुलाम फरीद, जुबेरभाई और हर्षिल प्रजापति सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे और मृतक के लिए न्याय की मांग की।
इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं प्रदेश संगठन मंत्री डॉ. करन बारोट ने कहा कि, आज हम यू.एन. मेहता अस्पताल आए हैं। आज अहमदाबाद में एक अत्यंत दुखद घटना हुई है। कल रात हमारी पार्टी की ‘हॉस्पिटल केयर कमेटी’ के अध्यक्ष विनोद परमार के संज्ञान में आया कि यू.एन. मेहता अस्पताल के भीतर सीवर टैंक की सफाई के लिए तीन कर्मचारियों को उतारा गया था। जहरीली गैस अथवा अन्य कारणों से उनकी जान खतरे में पड़ गई और उन्हें तत्काल इमरजेंसी में अस्पताल में भर्ती कराया गया। वर्तमान में उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर (क्रिटिकल) है। कल रात से ही आम आदमी पार्टी की टीम लगातार सुबह तक इन सफाई कर्मचारियों के साथ खड़ी रही, ताकि उनके परिवार को न्याय मिले और मरीजों का स्वास्थ्य जल्द ठीक हो। वे इस गंभीर स्थिति से बाहर आएं, इसके लिए आम आदमी पार्टी की टीम ने हर संभव सहयोग किया है। आज जब मैं स्वयं यहां आया, तब मेरी डीसीपी (DCP) साहब से भी चर्चा हुई और मैंने उन्हें इस संबंध में प्रस्तुति दी। जब हम पीड़ित कर्मचारियों के परिवारों से मिले, तब पता चला कि केवल कॉन्ट्रैक्ट कंपनी द्वारा ही नहीं, बल्कि अस्पताल के कुछ जिम्मेदार लोगों द्वारा भी सफाई कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा था। उन्हें धमकी दी जाती थी कि “यदि तुम सीवर टैंक में उतरकर सफाई नहीं करोगे, तो तुम्हारी नौकरी चली जाएगी।” आज डीसीपी साहब से मुलाकात के दौरान उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है और उसमें कुछ लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं। पीड़ितों से जो भी जानकारी हमें मिली थी, वह हमने पुलिस के समक्ष रख दी है।
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‘आप’ के मुख्य प्रवक्ता डॉ. करन बारोट ने आगे कहा कि दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि, इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद अब तक अस्पताल का कोई जिम्मेदार अधिकारी सामने नहीं आया है, जो इस घटना की जिम्मेदारी स्वीकार कर सके। पीड़ित परिवारों को यह तक नहीं बताया जा रहा कि फिलहाल मरीजों की स्थिति कैसी है। आज जब हम जांच करने नीचे गए, तो वहां एस.एम.जी. (SMG) कॉन्ट्रैक्ट कंपनी का कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, आर.एम.ओ. (RMO) भी नहीं मिले और इस क्षेत्र के विधायक भी अब तक लोगों के बीच दिखाई नहीं दिए। हम सरकार और म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन से स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि, जितनी कीमत किसी बड़े से बड़े डॉक्टर या सर्जन के जीवन की है, उतनी ही कीमत सीवर के अंदर काम करने वाले एक सामान्य कर्मचारी के जीवन की भी होनी चाहिए। आज हम कोई राजनीति नहीं करना चाहते, लेकिन इस घटना से सबक लेकर ऐसा कड़ा उदाहरण पेश किया जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य कर्मचारी को इस प्रकार काम करते समय भय न लगे। किसी भी प्रकार की सुरक्षा या सेफ्टी उपकरणों के बिना इन लोगों को अंदर उतारा गया, जिसके कारण 20-22 वर्ष के युवाओं की मृत्यु हो गई और इनमें से एक व्यक्ति की बेटी अभी बहुत छोटी है। आज उनके परिवार का और उनके जीवन-यापन का क्या होगा? सरकार गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के प्रति इतनी उदासीन क्यों है? आज हम सरकार से मांग करते हैं कि इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। जिम्मेदार लोग चाहे कॉन्ट्रैक्ट कंपनी के हों या अस्पताल के, सभी के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएं। स्थानीय विधायक यहां आएं, पीड़ित परिवारों से मिलें और उनकी मांगें सुनें। 10,000-12,000 रुपये के वेतन पर काम करने वाले लोगों का इस प्रकार शोषण अब बंद होना चाहिए। हम पीड़ितों के लिए न्याय और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।