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राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM-K) की उपलब्धियां और पहल

राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM-K) की उपलब्धियां और पहल

by editor
Achievements and Initiatives of National Institute of Food Technology Entrepreneurship and Management (NIFTEM-K)

NIFTEM-K : खाद्य नवाचार और सहयोग के लिए एक उल्लेखनीय वर्

राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम-के) ने वर्ष 2024  में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। तकनीकी नवाचारों से लेकर वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने तक यह वर्ष संस्थान के लिए यादगार रहा है।

वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में तकनीकी नवाचारों का प्रदर्शन

वर्ल्ड फूड इंडिया (डब्‍ल्‍यूएफआई) 2024 में निफ्टेम-के की भागीदारी वर्ष का मुख्य आकर्षण रही। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय  द्वारा समर्थित इस संस्थान ने अभूतपूर्व नवाचारों का प्रदर्शन किया जो इसकी तकनीकी क्षमता और टिकाऊ खाद्य प्रसंस्करण व्यवस्थाओं के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं। प्रमुख नवाचारों में शामिल हैं:

  • सारथी प्रौद्योगिकी: सेंसर के साथ उन्नत डिजिटल प्रौद्योगिकियों के एकीकरण का प्रदर्शन।
  • हाइब्रिड ड्रॉइंग और बायोडिग्रेडेबल फिल्म: हाइब्रिड ड्रॉइंग के लिए एक अवधारणा और प्लास्टिसाइज़र के बिना शत प्रतिशत बायोडिग्रेडेबल फिल्म का विकास।
  • त्वरित जांच किट: नैनोसेंसर और एंजाइम अवरोधन सिद्धांतों का उपयोग करके चाय में कीटनाशकों और एक्रिलामाइड्स और एफ्लाटॉक्सिन जैसे हानिकारक यौगिकों का पता लगाने के लिए किट।

वर्ल्ड फूड इंडिया (डब्‍ल्‍यूएफआई) 2024 में संस्थान का मंडप नवाचारों का खजाना था जिसमें रेडी-टू-कुक और बाजरा आधारित उत्पाद, विटामिन बी2 और बी12 फोर्टिफाइड दही, कार्यात्मक खाद्य पदार्थ, घी पाउडर, विटामिन डी से भरपूर स्नैक्स, मकई के दानों से बायोचार और बूंदी बनाने वाली मशीन और 3डी प्रिंटिंग मॉडल जैसे अत्याधुनिक उपकरण शामिल थे। इन नवाचारों ने खाद्य उद्योग के हितधारकों का ध्यान आकर्षित किया। इससे तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाने में निफ्टेम-के की भूमिका भी सामने आई।

छात्रों का रिकॉर्ड तोड़ प्रवेश

इस वर्ष संस्थान में 22 राज्यों से 184 बी.टेक. छात्रों का प्रवेश हुआ। 2024 में निफ्टेम-के के लिए यह एक और उपलब्धि रही। यह अभूतपूर्व उपलब्धि युवाओं और समाज के बीच खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी की क्षमता की बढ़ती मान्यता को दर्शाती है। यह शैक्षणिक उत्कृष्टता और नवाचार केंद्र के रूप में संस्थान की प्रतिष्ठा को भी रेखांकित करता है।

अकादमिक-स्टार्ट-अप संबंधों को मजबूत करना

निफ्टेम-के का मुख्य उद्देश्य उद्यमिता और स्टार्ट-अप संस्कृति को बढ़ावा देना रहा है। महत्वाकांक्षी नेताओं और संरक्षकों के लिए स्टार्ट-अप फोरम ‘सुफलम 24’  कार्यक्रम ने शिक्षाविदों, स्टार्ट-अप और उद्योग जगत के नेताओं के बीच सहयोग के लिए एक परिवर्तनकारी मंच तैयार किया। इस वार्षिक कार्यक्रम ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के भविष्य को आकार देने के लिए विविध हितधारकों को एक मंच पर लाया।

निफ्टेम-के ने एचडीएफसी बैंक लिमिटेड के साथ मिलकर एनएसआईपी 4 कार्यक्रम के अंतर्गत आठ स्टार्ट-अप को अनुदान प्रदान किया। इन स्टार्ट-अप को इनक्यूबेशन सहायता, पायलट प्लांट तक पहुंच, अत्याधुनिक प्रयोगशाला सुविधाएं और मेंटरशिप से लाभ होगा। संस्थान का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 300 से अधिक स्टार्ट-अप को सहायता प्रदान करना है जिससे खाद्य क्षेत्र में नवाचार-संचालित विकास को बढ़ावा मिलेगा।

खाद्य तंत्र में स्थिरता को आगे बढ़ाना

2024 में निफ्टेम-के के लिए स्थिरता एक प्रमुख प्राथमिकता बनी रही। संस्थान ने ‘संभव’ वेबिनार का आयोजन किया जिसमें भारत के खाद्य प्रसंस्करण दृष्टिकोण को आधुनिक बनाने के लिए सतत प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस कार्यक्रम ने शिक्षाविदों, उद्योग जगत और शोधकर्ताओं के बीच चर्चा को सुविधाजनक बनाया जिसमें खाद्य क्षेत्र में सतत प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए हस्तक्षेपों पर जोर दिया गया।

डब्‍ल्‍यूएफआई-2024 में, निफ्टेम-के ने शत प्रतिशत बायोडिग्रेडेबल फिल्म पेश करके चक्रीय अर्थव्यवस्था सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को उजागर किया। ये प्रयास 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में योगदान देते हैं जो सरकार के दीर्घकालिक दृष्टिकोण के अनुरूप है।

वैश्विक सहयोग विस्तार

वर्ष 2024 में निफ्टेम-के की वैश्विक गतिविधि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। एक उल्लेखनीय उपलब्धि ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करना था जिसे क्‍यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 13वां स्थान हासिल है। यह सहयोग अनुसंधान कार्यक्रमों, छात्र विनिमय पहलों और संयुक्त डिग्री कार्यक्रमों को बढ़ाएगा।

अन्य अंतर्राष्ट्रीय गतिविधि इस प्रकार रहे:

  • चिली, जापान और ऑस्ट्रेलिया के राजदूतों और वरिष्ठ अधिकारियों का दौरा।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, इटली, थाईलैंड आदि देशों के शीर्षस्थ शैक्षणिक संस्थानों से नए सिरे से रुचि।
  • संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन टीम के दो दौरे, भविष्य में सहयोग की आशाजनक संभावनाएं।

ये प्रयास निफ्टेम-के को खाद्य प्रौद्योगिकी और उद्यमिता में वैश्विक अग्रणी के रूप में स्थापित करते हैं।

कृषि-खाद्य प्रणालियों में जलवायु परिवर्तन से निपटना

कृषि-खाद्य क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन समस्या का सामना करने के लिए निफ्टेम-के ने ‘पर्यावरण और जलवायु-परिवर्तन प्रवृत्तियों  के लिए कुशल खाद्य प्रसंस्करण’ पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। मुख्य विषयों में जलवायु-स्मार्ट खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए अपशिष्ट मूल्य निर्धारण और प्रक्रिया संशोधन शामिल थे।

सम्मेलन ने संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन, आईसीएआर, सीएसआईआर संस्थानों और अग्रणी खाद्य कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ सहयोग को साकार किया जिससे इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में नवीन अनुसंधान के लिए मंच तैयार हुआ।

गांवों को गोद लेने के कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाना

निफ्टेम-के के गांवों को गोद लेने के प्रमुख कार्यक्रम (वीएपी) का इस वर्ष 19वें साल में प्रवेश कर गया। इस कार्यक्रम के तहत नौ राज्यों के 21 गांव आते हैं। 360 से अधिक छात्रों की भागीदारी और 50 संकाय सदस्यों की सलाह के साथ इस कार्यक्रम ने खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से आय सृजन और उद्यमिता को बढ़ावा दिया, सामाजिक मुद्दों का समाधान किया और खाद्य क्षेत्र में सरकारी नीतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाई और ग्रामीण समुदायों को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की सुविधा प्रदान की जिससे सतत विकास सुनिश्चित हुआ। यह पहल शिक्षाविदों और जमीनी स्तर के समुदायों के बीच की खाई को पाटने के लिए निफ्टेम-के की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

उद्योग और शैक्षणिक साझेदारी को मजबूत करना

निफ्टेम-के ने हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले आरएंडडी सेंटर, टेट्रापैक और मैरिको सहित 11 नामी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। आईआईटी बॉम्बे और एआईआईए सहित पांच शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग ने इसकी शोध क्षमताओं को और बढ़ाया। ये साझेदारियां सहयोगात्मक अनुसंधान और नए उत्पाद विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और छात्र विनिमय कार्यक्रमों और उत्कृष्टता केंद्रों और संयुक्त डिग्री कार्यक्रमों की स्थापना पर केंद्रित हैं।

निफ्टेम-के ने वर्ल्ड फूड इंडिया-2024 के दौरान खाद्य कंपनियों और स्टार्ट-अप्स को पांच नवीन प्रौद्योगिकियों का सफलतापूर्वक हस्तांतरित किया, जो इसके अनुसंधान पहलों के व्यावहारिक प्रभाव को दर्शाता है।

शिक्षण और परिसर की जीवंतता को बढ़ाना

संस्थान के जीवंत परिसर में कई सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों ने चार चांद लगा दिए। सबसे खास रहा ‘एडेसिया 24’ कार्यक्रम जो पांच साल के अंतराल के बाद आयोजित किया गया वार्षिक उत्सव था। तीन दिवसीय इस भव्य कार्यक्रम में मशहूर पार्श्व गायकों और बैंडों ने प्रस्तुति दी।

अन्य कार्यक्रमों में संस्थान का स्थापना दिवस और पूर्व छात्र मिलन समारोह शामिल थे, जिससे वर्तमान छात्रों और पूर्व छात्रों के बीच संबंधों को बढ़ावा मिला। इन पहलों ने छात्रों के आत्मविश्वास को मजबूत किया है और हितधारकों के बीच संस्थान की प्रतिष्ठा को बढ़ाया है।

निष्कर्ष

वर्ष 2024 निफ्टेम-के के लिए परिवर्तनकारी रहा, जिसमें नवाचार, सहयोग और सामुदायिक सहभागिता की झलक देखने को मिली। डब्‍ल्‍यूएफआई-2024 में प्रदर्शित तकनीकी प्रगति से लेकर जलवायु परिवर्तन और ग्रामीण सशक्तिकरण से जुड़ी पहलों तक, संस्थान ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अग्रणी संस्थान के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत किया है। निफ्टेम-के, भविष्य के लिए स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ  खाद्य प्रौद्योगिकी और उद्यमिता में उत्कृष्टता,  स्थिरता और समावेशिता को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर रूप से अग्रसर है।

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