AAP नेता धर्मेश भंडेरी: AAP युवा नेता श्रवण जोशी के खिलाफ रची गई साजिश का आम आदमी पार्टी ने किया खुलासा

AAP नेता धर्मेश भंडेरी: AAP युवा नेता श्रवण जोशी के खिलाफ रची गई साजिश का आम आदमी पार्टी ने किया खुलासा

SMC के लिंबायत क्षेत्र में जहां-जहां गड़बड़ी चल रही थी, वहां श्रवण जोशी ने अधिकारियों के सामने आक्रमक रूप से शिकायतें कीं: AAP नेता धर्मेश भंडेरी

पिछले चार–पांच दिनों से सूरत में आम आदमी पार्टी के युवा नेता श्रवणकुमार जोशी को लगातार बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर आज आम आदमी पार्टी के सूरत शहर अध्यक्ष धर्मेश भंडेरी और सूरत लोकसभा प्रभारी रजनीकांत वाघाणी की अध्यक्षता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शहर अध्यक्ष धर्मेश भंडेरी ने कहा कि आम आदमी पार्टी के युवा नेता श्रवणकुमार जोशी को जिस तरह से बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, उसकी सच्चाई और तथ्य जनता के सामने रखने के उद्देश्य से इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया है। मूल रूप से राजस्थान के ब्रह्म समाज से आने वाले, टेक्सटाइल व्यवसाय से जुड़े, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक, राष्ट्रवादी विचारधारा से संपन्न और भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष करने वाले युवा श्रवण जोशी आम आदमी पार्टी सूरत में युवा मोर्चा के महामंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यदि श्रवण जोशी के फेसबुक पेज पर पिछले दो महीनों की गतिविधियों को देखा जाए तो स्पष्ट हो जाएगा कि उन्होंने अनाज माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाई है, गलत स्थानों पर खड़े होकर ट्रैफिक चालान के नाम पर मेमो काटकर अवैध वसूली करने वालों को उजागर किया है, SMC के लिंबायत क्षेत्र में जहां-जहां गड़बड़ियां चल रही थीं उनके खिलाफ अधिकारियों के समक्ष आक्रामक तरीके से प्रस्तुतियां दी हैं, आसपास दादा मंदिर के आसपास खुले में अवैध रूप से बिक रहे मांस, मटन और गौमांस के विरोध में सोसायटी के लोगों के साथ मिलकर संघर्ष किया है, शराब के अड्डों को उजागर किया है तथा ऐसे तमाम अवैध धंधों को सामने लाकर जनहित और जनजागृति का कार्य किया है। इन सभी कार्यों के कारण लिंबायत क्षेत्र में आम आदमी पार्टी के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है। लोगों के मन में बैठा डर धीरे-धीरे खत्म हो रहा है और जनता का रुझान आम आदमी पार्टी की ओर सकारात्मक होता जा रहा है। इसी वजह से भारतीय जनता पार्टी में घबराहट फैल गई है। वहां के स्थानीय विधायक और कॉर्पोरेटरों को यह लगने लगा है कि यदि यह आंदोलन और मजबूती से आगे बढ़ा तो आने वाले समय में उनकी सत्ता खतरे में पड़ जाएगी और जनता के मन में बैठा उनका डर तथा उनके काले कारनामे उजागर हो जाएंगे। इसलिए किसी भी हाल में इसे रोकना जरूरी है।

AAP नेता धर्मेश भंडेरी ने आगे कहा कि बीती तारीख 29 को लिंबायत में श्रवणकुमार जोशी के खिलाफ एक झूठी और मनगढ़ंत शिकायत दर्ज की गई। उसी दिन 29 तारीख को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे SOG ने श्रवणकुमार जोशी को उनके कार्यालय से उठाया और उनके साथ संपत चौधरी को भी हिरासत में लेकर SOG कार्यालय ले जाया गया, जहां उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। श्रवणकुमार जोशी ने इस मारपीट की जानकारी अदालत के समक्ष दी और इसकी शिकायत भी दर्ज कराई। साढ़े तीन बजे हिरासत में लेने के बाद उनके साथ बुरी तरह मारपीट की गई, फिर उनसे झूठे तरीके से जबरन संपत चौधरी के जरिए कबूलनामा दिलवाया गया, उसका वीडियो बनाया गया और उसके बाद शाम छह बजे उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई। यह कैसी पुलिस कार्यप्रणाली है कि पहले किसी व्यक्ति को उठाया जाता है, फिर उसके साथ मारपीट की जाती है, उससे जबरन कबूलनामा कराया जाता है, उसका वीडियो बनाया जाता है और उसके बाद उसके खिलाफ शिकायत दर्ज की जाती है?

AAP नेता धर्मेश भंडेरी ने आगे कहा कि इस पूरे षड्यंत्र को समझना जरूरी है। इस साजिश के पीछे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े अनाज माफियाओं में से एक व्यक्ति कमलेश खटिक है। वर्ष 2022 में सचिन में स्थित सरकारी अनाज गोदाम से सरकारी अनाज की हेराफेरी का बड़ा घोटाला आम आदमी पार्टी ने उजागर किया था, जिसमें 11 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी। इन 11 में से 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया और पूरा मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा गया। क्राइम ब्रांच ने 11वें आरोपी, कमलेश खटिक को राजस्थान से गिरफ्तार किया था, जिसके बाद सभी 11 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई। लेकिन बाद में भारतीय जनता पार्टी के संरक्षण में कमलेश खटिक को सरकारी गवाह बना दिया गया। उसे और उसके साथ जुड़े सभी आरोपियों को जमानत मिल गई। वही भाजपा के संरक्षण में पला-बढ़ा कमलेश खटिक आज पहले मामले में शिकायतकर्ता बनकर सामने आया है। इसी के आधार पर यह पूरा षड्यंत्र रचा गया है। AAP नेता धर्मेश भंडेरी ने कहा कि SOG के डीसीपी द्वारा श्रवणकुमार जोशी के साथ की गई बेरहमी से मारपीट की शिकायत भी श्रवणकुमार जोशी ने अदालत में दर्ज कराई है। उनका मेडिकल परीक्षण भी हुआ, जिसके बाद पुलिस रिमांड को खारिज कर दिया गया और उन्हें लाजपोर जेल भेज दिया गया। इसके अगले ही दिन इसी मामले में एक अन्य व्यक्ति द्वारा बिल्कुल उसी तरह की, हूबहू समान घटना को लेकर फिर से श्रवणकुमार जोशी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। इससे साफ हो जाता है कि यह पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश है। लिंबायत क्षेत्र में आम आदमी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता, जनता के बीच AAP के प्रति बढ़ता सकारात्मक रुझान और श्रवणकुमार जोशी जैसे नवयुवान, जुझारू युवाओं के उभरने से भारतीय जनता पार्टी घबरा गई है। इसलिए भाजपा यह साजिश रच रही है ताकि ऐसे युवाओं को आगे बढ़ने से पहले ही दबा दिया जाए। धर्मेश भंडेरी ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी इस तरह की साजिशों से डरने वाली नहीं है। पार्टी के सभी क्रांतिकारी कार्यकर्ता अब तक जिस तरह अनाज माफियाओं, भ्रष्टाचारियों और भू-माफियाओं के खिलाफ लड़ते आए हैं, उसी तरह इस लड़ाई को आगे भी मजबूती से जारी रखेंगे।

AAP नेता धर्मेश भंडेरी ने आगे कहा कि श्रवणकुमार जोशी अकेले नहीं हैं, आम आदमी पार्टी की पूरी टीम इस पूरी लड़ाई को मजबूती से लड़ रही है। साथ ही पूरे घटनाक्रम को समझना जरूरी है। इसी तरह की एक घटना विसावदर में भी हुई थी, जहां आम आदमी पार्टी के जूनागढ़ जिले के अध्यक्ष हरेशभाई सावलिया के खिलाफ झूठी FIR दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया था। इतना ही नहीं, जेल के अंदर मौजूद भाजपा के गुंडों के जरिए उन पर हमला भी करवाया गया। विसावदर की यह घटना और सूरत की मौजूदा घटना यह स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि भारतीय जनता पार्टी किसी भी तरह से आम आदमी पार्टी को झूठे आरोपों के जरिए बदनाम करने का प्रयास कर रही है। AAP कार्यकर्ताओं को गुंडों के माध्यम से डराने और पुलिस के जरिए दबाव बनाकर उन्हें रोकने की साजिशें लगातार की जा रही हैं।

AAP सूरत शहर अध्यक्ष धर्मेश भंडेरी ने एक वीडियो दिखाते हुए कहा कि पुलिस द्वारा जो पूरा वीडियो सार्वजनिक किया गया है, उसमें जबरन स्वीकारोक्ति करवाई गई है। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि इशारों के जरिए जबरदस्ती बयान दिलवाया जा रहा है और संपत चौधरी डर के माहौल में बयान दे रहे हैं। धर्मेश भंडेरी ने एक दूसरा वीडियो दिखाते हुए बताया कि उसमें यह दिखाने की कोशिश की गई है कि संपत चौधरी किसी से पैसे ले रहे हैं, लेकिन अगर वीडियो को ध्यान से देखा जाए तो स्पष्ट हो जाता है कि यह केवल एक साजिश है। न तो किसी ने पैसे मांगे हैं और न ही किसी को पैसे दिए गए हैं। जो पैसे वीडियो में दिखाए गए हैं, वे भी वापस लिए जाते हुए नजर आते हैं। कहीं भी यह स्पष्ट नहीं होता कि संपत चौधरी ने पैसे लिए हों। इसके अलावा एक और वीडियो है, जिसमें लिम्बायत क्षेत्र के आम लोग अनाज माफियाओं के आतंक को बेनकाब कर रहे हैं। आम जनता खुद इन अनाज माफियाओं से परेशान है और बार-बार कम राशन मिलने की शिकायत कर रही है। इसी तरह की शिकायतें जब श्रवणकुमार जोशी को मिलीं, तब वे राशन की दुकान पर पहुंचे थे।

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