AAP नेता संजीव झा ने दिल्ली विधानसभा में भाजपा सरकार पर संसाधन की कमी और नाकामी के आरोप लगाए, सुरक्षा और नागरिकों की समस्याओं पर जवाबदेही का मुद्दा उठाया।
दिल्ली विधानसभा में AAP के वरिष्ठ नेता संजीव झा ने भाजपा-प्रवर्तित केंद्र और प्रदेश सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा सरकार का निकम्मापन अब आम जनता की जानों के लिए खतरा बन गया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए हादसे में फायर ब्रिगेड तक सही साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण कई जानें बचाई जा सकती थीं, लेकिन सरकार की लापरवाही ने यह अवसर छीन लिया। संजीव झा ने कहा कि 1 लाख करोड़ रुपये के बजट का दावा करने वाली भाजपा सरकार ने अग्निशमन विभाग को आवश्यक सीढ़ियाँ और संसाधन प्रदान नहीं किए, जिससे समय पर बचाव कार्य नहीं हो सका।
निकम्मी भाजपा सरकार के विरुद्ध हल्ला बोल 🔥
BJP का निकम्मापन अब लोगों कि जान ले रहा है। 1 लाख करोड़ के बजट का दावा करने वाली भाजपा सरकार फायर ब्रिगेड को ढंग की सीढ़ी तक नहीं उपलब्ध करवा पाई।
अगर इस सरकार ने अपना काम ठीक से किया होता तो कितने लोगों की जानें बच जातीं उस दिन। pic.twitter.com/TgeN7Zqsg6
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) March 24, 2026
संजीव झा ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंदर गुप्ता से सवाल किया कि बजट सत्र न बुलाने की मजबूरी क्या थी और ऐसी क्या परिस्थितियाँ थीं कि नए सत्र के आयोजन के बिना ही बजट पारित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने यह भी पूछा कि जब विपक्ष ने अधिकारियों से प्रश्नों के संतोषजनक जवाब न मिलने की बात उठाई, तो अध्यक्ष ने उनसे जवाब क्यों नहीं तलब किया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि विधानसभा अध्यक्ष का फर्ज़ होता है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को निष्पक्ष चर्चा का अवसर दिया जाए, लेकिन यह सुनिश्चित करना कि यह कितनी बार हुआ, अध्यक्ष को जनता के सामने जवाब देना चाहिए।
दिल्ली विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका को लेकर विजेंदर गुप्ता जी से कुछ सवाल —
👉 आपकी ऐसी क्या मजबूरी थी कि बजट के लिए नया सत्र नहीं बुलाया?
👉 विपक्ष के सवालों का सही जवाब न देने पर अधिकारियों से आपने जवाब-तलब क्यों नहीं किया?
👉 आपकी जिम्मेदारी बनती है कि सत्ता पक्ष… pic.twitter.com/dfgAW5h1FJ
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) March 24, 2026
इसके अलावा संजीव झा ने दिल्ली के नागरिकों की वास्तविक परेशानियों की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि नलों से गंदा पानी आना, झुग्गियों के पुनर्विकास में विवाद और आम लोगों की समस्याओं पर चर्चा की कितनी बार गई, यह महत्वपूर्ण मुद्दा है। संजीव झा ने जोर देकर कहा कि विधानसभा अध्यक्ष की प्राथमिक भूमिका सरकार को खुश करना नहीं है, बल्कि यह है कि वह अपने पद की गरिमा के अनुरूप सभी पक्षों को निष्पक्ष रूप से बोलने का अवसर दें। उन्होंने कहा कि दिल्लीवासी जवाबदेही और सुधार चाहते हैं, न कि तुष्टिकरण जो उनके जीवन और सुरक्षा से खिलवाड़ करता हो।
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