लालपुर में AAP विधायक हेमंत खवा के नेतृत्व में किसानों की जनआक्रोश रैली और प्रतीकात्मक भूख हड़ताल

लालपुर में AAP विधायक हेमंत खवा के नेतृत्व में किसानों की जनआक्रोश रैली और प्रतीकात्मक भूख हड़ताल

जामनगर जिले में देर से हुई बारिश के कारण सूख रही फसलों को बचाने के लिए तत्काल सिंचाई का पानी छोड़ने की मांग: AAP विधायक हेमंत खवा

जामनगर जिले में मानसून की बारिश देर से और कम होने के कारण किसान और मालधारी भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इस गंभीर परिस्थिति में किसान हित रक्षक समिति के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के जामजोधपुर विधायक हेमंत खवा के नेतृत्व में लालपुर में विशाल जनआक्रोश रैली और एक दिवसीय प्रतीकात्मक भूख हड़ताल का आयोजन किया गया। लालपुर तालुका पंचायत में सुबह 10:00 बजे बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हुए और रैली के रूप में प्रांत कार्यालय पहुंचे, जहां सुबह 10:30 बजे से शाम 05:00 बजे तक प्रतीकात्मक भूख हड़ताल आयोजित कर माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रांत अधिकारी को सौंपा गया। इस कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी, सरपंच, नेता तथा गांव-गांव से बड़ी संख्या में किसान और मालधारी उपस्थित रहे। ज्ञापन में मुख्य मांग की गई कि लालपुर और जामजोधपुर तालुका से ‘सौनी योजना’ की लिंक-1 और लिंक-3 की पाइपलाइन गुजरने के बावजूद किसान पानी के बिना परेशान हैं। शेष बचे हुए बुवाई कार्य और सूख रही फसलों को बचाने के लिए तत्काल सिंचाई का पानी छोड़ा जाए, इसकी जोरदार मांग की गई।

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इस अवसर पर ‘आप’ विधायक हेमंत खवा ने कहा कि कम बारिश के कारण पशुधन को बचाने के लिए मालधारी मजबूर हो गए हैं, जबकि सरकारी तंत्र की लापरवाही और नीतियों के कारण गोदामों में लाखों टन चारा सड़ जाता है लेकिन उसका वितरण नहीं किया जाता। इसलिए तत्काल प्रभाव से मुफ्त या रियायती दर पर चारा वितरण केंद्र शुरू करने की मांग की गई है। इसके अलावा वर्ष 2012 में घोषित ‘सौनी योजना’ के 14 वर्ष बीत जाने के बाद भी सौराष्ट्र का अधिकांश हिस्सा इससे वंचित है, इसलिए दूरदराज के गांवों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए नए वाल्व लगाने हेतु तकनीकी सर्वे कराने की मांग भी उठाई गई है। किसान हित रक्षक समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह लड़ाई किसी पार्टी या राजनीति की नहीं, बल्कि किसानों, मालधारियों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य की है। यदि सरकार उचित मांगों के प्रति संवेदनशीलता दिखाकर तत्काल उचित निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले दिनों में पूरे क्षेत्र में उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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