गांधीनगर में हुई One Nation One Election बैठक के बाद AAP गुजरात अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने JPC के सामने पार्टी के विचार रखे और चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाए।
गांधीनगर स्थित GIFT सिटी में आयोजित One Nation One Election से जुड़ी बैठक के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) गुजरात के वरिष्ठ नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी। बैठक में कई अहम राजनीतिक और संवैधानिक मुद्दों पर चर्चा की गई।
इस बैठक में AAP गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी, विधायक गोपाल इटालिया, विधायक चैतर वसावा, विधायक हेमंत खवा, प्रदेश संगठन मंत्री करन बारोट और प्रदेश मंत्री अनुप शर्मा मौजूद रहे।
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AAP ने JPC के सामने रखे अपने विचार
बैठक के बाद इसुदान गढ़वी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी ने संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के समक्ष अपने विचार और सुझाव लिखित रूप में प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े चुनावी ढांचे को एक साथ लागू करना व्यवहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण है।
चुनावी व्यवस्था और राज्यों की अलग-अलग जरूरतें
इसुदान गढ़वी ने कहा कि लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों को एक साथ कराना आसान नहीं है, क्योंकि हर स्तर पर मुद्दे और प्राथमिकताएं अलग-अलग होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र की विविधता को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
વન નેશન વન ઇલેક્શનની મિટિંગ બાદ AAP ગુજરાત પ્રદેશ પ્રમુખ શ્રી @isudan_gadhvi, ધારાસભ્ય શ્રી @Gopal_Italia, ધારાસભ્ય શ્રી @Chaitar_Vasava, ધારાસભ્ય શ્રી @KhavaHemat, @khbarot અને શ્રી અનુપ શર્મા ઉપસ્થિત રહ્યા.
આ સમગ્ર મુદ્દે AAP ગુજરાત પ્રદેશ પ્રમુખ શ્રી ઈસુદાન ગઢવીની… pic.twitter.com/bRMlSwzEbb
— AAP Gujarat (@AAPGujarat) May 20, 2026
चुनावी खर्च और लोकतंत्र पर चर्चा
AAP नेताओं ने यह भी तर्क दिया कि चुनावी खर्च को लेकर जो चिंता जताई जाती है, वह लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए जरूरी है। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग का खर्च देश की GDP का बहुत छोटा हिस्सा है, और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत रखने के लिए यह खर्च उचित है।
‘One Nation One Education’ पर दिया सुझाव
इसुदान गढ़वी ने कहा कि देश में “One Nation One Election” के बजाय “One Nation One Education”, “One Nation One Health” और “One Nation One Justice” जैसे मुद्दों पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि आम जनता के जीवन से जुड़े मुद्दे मजबूत हो सकें।
AAP गुजरात का रुख
इस पूरे मामले पर AAP गुजरात ने स्पष्ट किया कि पार्टी लोकतंत्र की विविधता और राज्यों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किसी भी बड़े चुनावी बदलाव का समर्थन या विरोध तथ्यों के आधार पर करती है।