आम आदमी पार्टी ने गुजरात में भाजपा सरकार के विकास मॉडल पर सवाल उठाए हैं। मनोज सोरठिया ने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर आलोचना की।
आम आदमी पार्टी ने गुजरात में भारतीय जनता पार्टी की लंबे समय से चल रही सरकार के विकास मॉडल को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि 30 वर्षों से अधिक समय से सत्ता में रहने के बावजूद राज्य में कई बुनियादी समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं और आम जनता को रोजमर्रा की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता मनोज सोरठिया ने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे जैसे जरूरी क्षेत्रों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया है। उनके अनुसार, स्कूलों और अस्पतालों के विस्तार की बजाय सरकार का जोर बड़े और भव्य प्रोजेक्ट्स पर अधिक रहा है।
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विकास प्राथमिकताओं पर उठे सवाल
AAP नेताओं ने कहा कि विकास का वास्तविक लाभ अभी भी आम जनता तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे शासन के बावजूद जमीनी स्तर पर आवश्यक सुविधाओं की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
बुनियादी ढांचे को लेकर आलोचना
पार्टी ने कहा कि गुजरात में कई हाई-प्रोफाइल और भव्य परियोजनाओं को लेकर विकास मॉडल पर सवाल उठते हैं। उनका कहना है कि सरकार का ध्यान प्रतीकात्मक और दिखावटी परियोजनाओं पर अधिक केंद्रित रहा है, जबकि जनता की मूलभूत जरूरतों की अनदेखी की गई है।
ગુજરાતમાં ભાજપના શાસનને 30 વર્ષ કરતાં વધુ સમય થયો છતાં આજે સવાલો ઘણા છે, જનતાને મુશ્કેલીઓ ઘણી છે પણ સરકાર પાસે જનતાની સમસ્યાઓનું કોઈ નિરાકરણ નથી.
ભાજપની પ્રાથમિકતા શાળાઓ અને હોસ્પિટલો બનાવવાની નહીં પણ ફાઈવ સ્ટાર કમલમો બનાવવાની રહી ગઈ છે.
ગુજરાતમાં બનતા ભવ્ય કમલમો ભાજપે… pic.twitter.com/ySk1mVbkPl
— AAP Gujarat (@AAPGujarat) June 20, 2026
जन-केंद्रित विकास की मांग
आम आदमी पार्टी ने मांग की कि सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य और जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि आम नागरिकों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार हो सके। पार्टी का कहना है कि विकास का उद्देश्य जनता की भलाई होना चाहिए, न कि केवल भव्यता दिखाना।
राजनीतिक बहस तेज
इस बयान के बाद गुजरात की राजनीति में विकास मॉडल को लेकर बहस और तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार से जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।