गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश में काली मिर्च का खुलासा हुआ है। खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की एक टीम ने छापामार अभियान चलाया और भंडाफोड़ किया।
गाजियाबाद में सेहत से खिलाड़ी का काला कारोबार हुआ। किसी को पता नहीं था कि कम हो गया था। अब जाकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापा मारा। टीम को बहुत सारे गलत सामान मिले हैं। पुलिस इसकी जांच कर रही है और निर्मित सामान को बाजार में जाने से रोका गया है।
मैदा, गोंद और रिफाइंड सोयाबीन तेल बरामद
खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के लोनी में एक आकर्षक और बेहतर गुणवत्ता वाले स्थान को खोला है। टीम ने छापेमारी के दौरान मैदा, गोंद और रिफाइंड सोयाबीन तेल के साथ बहुत सारी काली मिर्च बरामद की है। जब्त किए गए सामान की अनुमानित कीमत लगभग १३ लाख ३४ हजार रुपये है।
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हाजीपुर, बेहटा में हुई कार्रवाई
मामला बेहटा हाजीपुर, लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में सेवाधाम के केहर फार्म हाउस का है। यहां, दिल्ली निवासी कारोबारी बुद्ध विहार, लोकेश गुप्ता के ठिकाने पर पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कार्रवाई की। टीम ने खोज में 1200 किलो छोटे दाने वाली काली मिर्च पाई। 975 किलो बड़े चमकदार दानों वाली काली मिर्च भी मिली।
मैदा और गोंद से बड़े दाने बनाए जा रहे थे
परीक्षण में पता चला कि कम गुणवत्ता वाली काली मिर्च को मैदा और गोंद की मदद से बनाया जाता था, जिससे उसका आकार बढ़ जाता था। दानों पर फिर से रिफाइंड सोयाबीन तेल लगाया गया, जिससे वे चमकदार दिखाई दें और अधिक गुणवत्ता की लगें।
3,000 किलो मैदा और 900 किलो गोंद बरामद
कार्रवाई के दौरान करीब ३०० किलो मैदा और ९०० किलो गोंद भी बरामद हुए। सोयाबीन रिफाइंड तेल से भरे 37 कंटेनर भी मिले। हर कंटेनर में लगभग पंद्रह किलो तेल था।
13.34 लाख रुपये का सामान जब्त
टीम ने काली मिर्च और उसे बनाने के लिए आवश्यक सभी सामग्री को पकड़ा है। अधिकारियों ने बताया कि जब्त सामान की अनुमानित कीमत लगभग 13.34 करोड़ रुपये है।
बाजार में काली मिर्च पहुंचने से रोका गया
खाद्य सुरक्षा विभाग फिलहाल बरामद सामग्री की गुणवत्ता और काली मिर्च बनाने की प्रक्रिया की जांच कर रहा है। कार्रवाई के बाद इस तरह बनाई गई काली मिर्च को बाजार में बेचने से रोका गया है।