बैंक कर्मचारी हड़ताल: देश भर में बैंक ने बैंकिंग सेवाओं बहुत प्रभावित हुई है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने पांच दिन के वर्किंग वीक सहित कई लंबित मांगों को लेकर काम बंद रखा।
आज देश भर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल ने बैंकिंग सेवाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। UFBU ने देशव्यापी हड़ताल बुलाई, जिसमें वेतन मांगों को जल्द पूरा करने और पांच दिन का वर्किंग वीक लागू करने की मांग की गई थी। मध्य प्रदेश में करीब 7000 बैंक शाखाओं पर इसका असर पड़ा। बैंक कर्मचारियों के संगठन ने बताया कि इससे राज्य में रोजाना ₹5,500 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ।
मध्य प्रदेश में बहुत से सरकारी क्षेत्र के बैंकों की शाखाएं पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद हो गईं। कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल ने दिन-प्रतिदिन चलने वाले कई बैंकिंग कार्यों को प्रभावित किया। इससे ग्राहकों को शाखाओं पर जाकर आवश्यक काम करना पड़ा।
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कैश और चेक का काम हुआ प्रभावित
शाखाओं पर होने वाली सेवाएं हड़ताल से सबसे अधिक प्रभावित हुईं। कैश जमा और निकालने, चेक क्लियरेंस और प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ा। देश भर में अधिकांश सरकारी बैंकों की शाखाओं में कामकाज बंद था। हड़ताल ने प्राइवेट सेक्टर के कुछ पुराने बैंकों पर भी प्रभाव डाला। हालाँकि, इंटरनेट बैंकिंग, UPI और अन्य डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं अभी भी उपलब्ध हैं। ग्राहक अक्सर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करते हैं और कई डिजिटल लेनदेन करते हैं, इसलिए यानी को बहुत समस्या नहीं हुई।
प्राइवेट बैंकों पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा
UFBU में सात बैंक यूनियन हैं, जो बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों का लगभग ९० प्रतिशत हिस्सा प्रतिनिधित्व करते हैं। लेकिन पब्लिक सेक्टर के बैंक मुख्य रूप से हड़ताल से प्रभावित रहे। व्यापारिक क्षेत्र के बैंकों का आम कामकाज प्रभावित नहीं हुआ।
पांच दिन के वर्किंग वीक की मुख्य मांग
बैंक यूनियन शनिवार को छुट्टी घोषित करने की मांग कर रहे हैं। इस विषय पर मार्च 2024 में हुए बारहवें द्विपक्षीय समझौते में सहमति हुई थी, लेकिन सरकार की घोषणा का इंतजार है। फिर भी, प्रत्येक महीने के पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को बैंक खुला रहता है। इसके अलावा, पेंशन में सुधार, सभी पेंशनरों को समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला देने और NPS के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में जाने का विकल्प देने की मांगें भी लंबित हैं।
SBI ने ग्राहकों को अलर्ट भेजा
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंकों ने पहले से ही ग्राहकों को हड़ताल के संभावित प्रभाव की सूचना दी थी। भारतीय स्टेट बैंक ने कहा कि बैंक ने सामान्य कामकाज को सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए हैं, लेकिन हड़ताल सेवाओं को प्रभावित कर सकती है।