मुख्यमंत्री भगवंत मान ने होशियारपुर से मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के दूसरे चरण की शुरुआत की। 15 बसों में श्रद्धालु रवाना हुए, जबकि 1.5 लाख लोग धार्मिक स्थलों की यात्रा करेंगे।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के दूसरे चरण की शुरुआत हो गई है। होशियारपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जिलों के श्रद्धालुओं को लेकर 15 बसों को धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए रवाना किया गया।
1.5 लाख श्रद्धालु करेंगे तीर्थ यात्रा
योजना के दूसरे चरण के तहत करीब 1.5 लाख श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा कराने का लक्ष्य रखा गया है। श्रद्धालु हरिद्वार-ऋषिकेश, श्री खाटू श्याम-सालासर बालाजी और मथुरा-वृंदावन जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन करेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम
पंजाब सरकार की ओर से तीर्थ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को AC स्लीपर बस, AC आवास, मुफ्त भोजन और मेडिकल इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकार का उद्देश्य है कि श्रद्धालु बिना आर्थिक परेशानी के धार्मिक स्थलों की यात्रा कर सकें और पूरी यात्रा के दौरान उन्हें जरूरी सुविधाएं मिलती रहें।
ਅੱਜ ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ਵਿਖੇ ‘ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਤੀਰਥ ਯਾਤਰਾ ਯੋਜਨਾ’ ਦੇ ਦੂਜੇ ਪੜਾਅ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰਦਿਆਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਤੋਂ ਸ਼ਰਧਾਲੂਆਂ ਦੀਆਂ 15 ਬੱਸਾਂ ਨੂੰ ਰਵਾਨਾ ਕੀਤਾ…
ਇਸ ਪੜਾਅ ਤਹਿਤ 1.50 ਲੱਖ ਸ਼ਰਧਾਲੂ ਹਰਿਦੁਆਰ-ਰਿਸ਼ੀਕੇਸ਼, ਸ਼੍ਰੀ ਖਾਟੂ ਸ਼ਿਆਮ-ਸਾਲਾਸਰ ਬਾਲਾਜੀ ਅਤੇ ਮਥੁਰਾ-ਵ੍ਰਿੰਦਾਵਨ ਦੇ ਦਰਸ਼ਨਾਂ ਲਈ ਜਾਣਗੇ…
ਸਾਰੇ… pic.twitter.com/iJ4gsMnWnf— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) August 12, 2026
बुजुर्गों की सुविधा पर विशेष ध्यान
तीर्थ यात्रा के दौरान बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी। उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यात्रा, ठहरने और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
आस्था और सेवा को समर्पित सरकार
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु सुविधाजनक और सुरक्षित तरीके से तीर्थ यात्रा कर सकें।
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के दूसरे चरण की शुरुआत को पंजाब सरकार की धार्मिक पर्यटन और जनसेवा से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।