Friday, August 7, 2026

अरविंद केजरीवाल ने नए सोशल मीडिया कानून पर उठाए सवाल, बोले- सरकार आलोचना दबाने की कोशिश कर रही है

by Neha
अरविंद केजरीवाल ने नए सोशल मीडिया कानून पर उठाए सवाल, बोले- सरकार आलोचना दबाने की कोशिश कर रही है

AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नए सोशल मीडिया नियमों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून का इस्तेमाल आलोचनात्मक आवाजों को दबाने के लिए किया जा सकता है।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के नए सोशल मीडिया नियमों को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियमों का इस्तेमाल सरकार की आलोचना करने वाली आवाजों को नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है।

केजरीवाल ने समर्थकों को संबोधित करते हुए दावा किया कि नए प्रावधानों के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सरकार की ओर से चिन्हित किसी भी सामग्री को निर्धारित समय सीमा के भीतर हटाना पड़ सकता है।

पोस्ट हटाने की समय सीमा को लेकर उठाए सवाल

केजरीवाल ने कहा कि यदि सरकार किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम या अन्य मंचों से किसी पोस्ट या वीडियो को हटाने के लिए कहती है, तो उसे कुछ घंटों के भीतर हटाने का प्रावधान है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था का इस्तेमाल सरकार की नीतियों, भ्रष्टाचार, इथेनॉल नीति या अन्य सार्वजनिक मुद्दों पर सवाल उठाने वाली सामग्री को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है।

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सरकार पर लगाया आलोचना दबाने का आरोप

AAP प्रमुख ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में जनता को सरकार से सवाल पूछने और अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आलोचना को दबाने के बजाय सरकार को जनता की चिंताओं का समाधान करना चाहिए।

केजरीवाल ने कहा कि यदि सरकार अच्छा काम करती है तो जनता स्वाभाविक रूप से उसकी सराहना करती है, लेकिन लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज करने से असंतोष बढ़ सकता है।

युवाओं के विरोध प्रदर्शन का किया जिक्र

अरविंद केजरीवाल ने हालिया युवा विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि सरकार जनता की आवाज से चिंतित है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों की बात सुनना जरूरी है और किसी भी सरकार के लिए जनता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की आवाज को दबाने के प्रयास लंबे समय तक प्रभावी नहीं हो सकते।

सोशल मीडिया स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज

सोशल मीडिया नियमों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। जहां सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गलत सूचना और आपत्तिजनक सामग्री को नियंत्रित करने की जरूरत पर जोर देती है, वहीं विपक्षी दल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने भी इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है।

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