पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में कांग्रेस के खिलाफ माहौल है और बड़े नेताओं की भी जमानत जब्त हो सकती है।
पंजाब की राजनीति में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग के हालिया बयान पर कड़ा पलटवार किया।
चीमा ने दावा किया कि पंजाब में कांग्रेस के खिलाफ माहौल बन चुका है और कई स्थानों पर “कांग्रेस गो बैक” के नारे सुनाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता राज्य में आम आदमी पार्टी की नीतियों और कार्यों का समर्थन कर रही है।
राजा वड़िंग के बयान पर दिया जवाब
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को पंजाब की राजनीतिक स्थिति का सही आकलन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता का विश्वास खो चुकी है और राज्य की राजनीति में उसकी पकड़ लगातार कमजोर होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि केवल राजा वड़िंग ही नहीं, बल्कि यदि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी या पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी पंजाब से चुनाव लड़ते हैं, तो उनकी जमानत तक जब्त हो सकती है। यह उनका राजनीतिक दावा है, जो उन्होंने कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर टिप्पणी करते हुए किया।
ਪੰਜਾਬ ‘ਚ ਲੱਗ ਰਹੇ ‘ਕਾਂਗਰਸ ਗੋ ਬੈਕ’ ਦੇ ਨਾਅਰੇ!
ਪੰਜਾਬ ਕਾਂਗਰਸ ਪ੍ਰਧਾਨ ਰਾਜਾ ਵੜਿੰਗ ਦੇ ਐਲਾਨ ‘ਤੇ ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ @HarpalCheemaMLA ਨੇ ਦਿੱਤਾ ਮੋੜਵਾਂ ਜਵਾਬ
ਕਿਹਾ ਕਿ ਵੜਿੰਗ ਨੂੰ ਛੱਡ ਚਾਹੇ ਰਾਹੁਲ ਗਾਂਧੀ ਜਾਂ ਮਲਿਕਾਅਰਜੁਨ ਖੜਗੇ ਚੋਣ ਲੜ ਲੈਣ, ਜ਼ਮਾਨਤ ਜ਼ਬਤ ਹੋਵੇਗੀ pic.twitter.com/a4hydP5t8q
— AAP Punjab (@AAPPunjab) August 7, 2026
AAP ने सरकार के कामकाज पर जताया भरोसा
वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, कृषि और जनकल्याण से जुड़े क्षेत्रों में किए गए कार्यों को जनता का समर्थन मिल रहा है। उनके अनुसार, यही कारण है कि लोगों का भरोसा सरकार पर लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में भी जनता विकास और पारदर्शी शासन के मुद्दे पर अपना फैसला सुनाएगी।
पंजाब की राजनीति में बढ़ी सियासी बयानबाजी
राज्य में आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच विभिन्न दलों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ही जनता के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में पंजाब की राजनीति और अधिक गर्माने की संभावना जताई जा रही है।