पंजाब विधानसभा में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार से पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने वाहन मालिकों की चिंताओं और तकनीकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की बात कही।
पंजाब विधानसभा में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ई-20 (E20) एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य और देशभर में बड़ी संख्या में ऐसे वाहन हैं जो ई-20 पेट्रोल के लिए पूरी तरह उपयुक्त नहीं हैं, इसलिए इस नीति को लागू करने से पहले सभी पहलुओं पर पारदर्शिता जरूरी है।
विधानसभा में चर्चा के दौरान हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि आम लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ई-20 पेट्रोल को लागू करने के प्रस्ताव का विरोध किया। उनका कहना था कि इस फैसले का असर लाखों वाहन मालिकों पर पड़ सकता है।
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E20 पेट्रोल को लेकर जताई कई चिंताएं
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ई-20 ईंधन के उपयोग को लेकर लोगों के बीच कई तरह की आशंकाएं हैं। उनके अनुसार, यदि ऐसे वाहनों में इस ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है जो इसके अनुकूल नहीं हैं, तो वाहन के इंजन, रखरखाव और संचालन लागत पर असर पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि उपभोक्ताओं के मन में ऐसी चिंताएं बनी रहती हैं तो इसका असर नए वाहनों की खरीद पर भी पड़ सकता है और आम लोगों का खर्च बढ़ सकता है।
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @HarpalCheemaMLA ਨੇ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਿੱਚ E20 ਪੈਟਰੋਲ ਲਾਗੂ ਕਰਨ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਮਤਾ ਕੀਤਾ ਪੇਸ਼ !!
ਕਿਹਾ, ਪੰਜਾਬ ਸਮੇਤ ਦੇਸ਼ ਭਰ ਵਿੱਚ ਲੱਖਾਂ ਵਾਹਨ ਹਨ, ਜੋ E20 ਪੈਟਰੋਲ ਦੇ ਅਨੁਕੂਲ ਨਹੀਂ ਹਨ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਕਿ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਵਾਹਨ ਖ਼ਰਾਬ ਹੋਣ, ਵਾਹਨਾਂ ਦੀ ਖ਼ਰੀਦ ਵਿੱਚ ਕਮੀ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਖ਼ਰਚੇ ਵਧਣ ਵਰਗੀਆਂ ਚਿੰਤਾਵਾਂ ਪੈਦਾ… pic.twitter.com/NdhA2TSWLo
— AAP Punjab (@AAPPunjab) August 4, 2026
केंद्र सरकार से पारदर्शिता की मांग
वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार से मांग की कि ई-20 पेट्रोल के प्रभाव को लेकर किए गए सभी अध्ययन और तकनीकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएं।
उन्होंने कहा कि वाहन के इंजन की कार्यक्षमता, रखरखाव, माइलेज और मरम्मत पर संभावित प्रभाव से जुड़ी जानकारी पूरी पारदर्शिता के साथ लोगों के सामने रखी जानी चाहिए, ताकि उपभोक्ता सही जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें।
लोगों के हितों को प्राथमिकता देने की बात
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि किसी भी नई नीति को लागू करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उससे आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों के हितों की रक्षा करना होनी चाहिए और वाहन मालिकों की चिंताओं का समाधान किए बिना ऐसे महत्वपूर्ण फैसलों को लागू नहीं किया जाना चाहिए।
विधानसभा में ई-20 पेट्रोल को लेकर हुई चर्चा के दौरान इस मुद्दे पर विभिन्न पक्षों ने अपनी राय रखी। हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि आम जनता से जुड़े ऐसे विषयों पर पारदर्शिता और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना आवश्यक है।