पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पेपर लीक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार में कोई पेपर लीक नहीं हुआ, ब्लूटूथ नकल गिरोह पर सख्त कार्रवाई की गई।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में पेपर लीक को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में अब तक किसी भी भर्ती या प्रतियोगी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालिया मामला पेपर लीक का नहीं, बल्कि ब्लूटूथ तकनीक के जरिए नकल करने की कोशिश का था, जिस पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की।
पेपर लीक नहीं, ब्लूटूथ से नकल का मामला
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में आयोजित फार्मेसी परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित रही। परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनटों के भीतर अधिकारियों को ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल करने की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली।
उन्होंने बताया कि कुछ अभ्यर्थी ब्लूटूथ पेन और ईयरपीस की मदद से प्रश्न बाहर भेज रहे थे और जवाब प्राप्त कर रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।
21 आरोपियों की गिरफ्तारी
मुख्यमंत्री भगवंत मान के अनुसार, इस मामले में 10 अभ्यर्थियों और बाहरी गिरोह से जुड़े 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि यह घटना प्रश्नपत्र लीक होने की नहीं थी, बल्कि तकनीकी माध्यमों से नकल करने की कोशिश थी, जिसे समय रहते रोक दिया गया।
साढ़े चार साल में नहीं हुआ कोई पेपर लीक
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने साढ़े चार वर्षों का कार्यकाल पूरा कर लिया है और इस दौरान राज्य में एक भी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने इसे सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रणाली और मजबूत निगरानी व्यवस्था का परिणाम बताया।
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68,800 से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने अब तक 68,800 से अधिक सरकारी नौकरियां पूरी पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर दी हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी उम्मीदवार से रिश्वत नहीं ली गई और सभी नियुक्तियां मेरिट के आधार पर हुई हैं।
भाजपा और विपक्ष पर साधा निशाना
पेपर लीक के मुद्दे पर भाजपा की आलोचना का जवाब देते हुए भगवंत मान ने कहा कि विपक्ष को पंजाब सरकार पर सवाल उठाने के बजाय अपने राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट भर्ती और पेपर लीक का दौर अब समाप्त हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में अब पारदर्शी भर्ती प्रणाली लागू है और युवाओं के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
पारदर्शी परीक्षाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब सरकार निष्पक्ष परीक्षाओं, नकल करने वाले गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और युवाओं को मेरिट के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखने के लिए भविष्य में भी कठोर कदम जारी रहेंगे।